Fixed Deposit Rules: जब अचानक पैसों की जरूरत पड़ती है, तो बैंक की FD यानी फिक्स्ड डिपॉजिट सबसे आसान सहारा नजर आता है। लेकिन मैच्योरिटी से पहले एफडी तोड़ना हमेशा फायदे का सौदा नहीं होता। बैंक पेनल्टी लगा सकता है, ब्याज कम मिल सकता है और टैक्स का असर भी पड़ सकता है। ऐसे समय में जल्दबाजी में एफडी बंद करने के बजाय पहले पूरा हिसाब लगाना जरूरी है। मौजूदा समय में शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच कई निवेशक फिर से एफडी, बॉन्ड और दूसरे फिक्स्ड इनकम विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। कई सरकारी, स्मॉल फाइनेंस और निजी बैंक एफडी पर 8.50% तक ब्याज दे रहे हैं। अगर मेडिकल इमरजेंसी, अचानक आए खर्च या दूसरी जरूरतों के लिए FD तोड़ने की नौबत आ जाए, तो इन 5 बातों को जरूर जान लें।
