जयपुर के पृथ्वी राज नगर (पीआरएन) दक्षिण के जोन 18 और 19 में सरकारी जमीन और सड़क भूमि पर बने 429 मकान-दुकानों को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। कोर्ट ने इन सभी निर्माणों से जुड़े स्वामियों को नोटिस जारी किए हैं। संबंधित लोगों को आगामी सुनवाई में अपने अधिवक्ता के जरिए उपस्थित होकर यह बताना होगा कि उन्होंने संबंधित भूमि पर निर्माण किस आधार पर किया। दरअसल, जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने हाईकोर्ट में अतिरिक्त शपथ-पत्र पेश कर 429 मकान-दुकानों की सूची भी प्रस्तुत की है। JDA के अनुसार निर्माण सरकारी भूमि पर अतिक्रमण और सड़क भूमि पर किए गए निर्माण से संबंधित हैं। प्राधिकरण ने कोर्ट को यह भी बताया कि संबंधित लोगों को पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं और उन्हें न्यायालय में लंबित मामले की जानकारी दी गई है। कोर्ट ने JDA के अफसरों से पूछा- अवैध निर्माण होने कैसे दिए हाईकोर्ट ने आदेश में कहा- सूची में शामिल कई मकान संबंधित प्रवर्तन अधिकारी और क्षेत्र के प्रभारी उपायुक्त, JDA की जानकारी में सरकारी जमीन और सड़क पर बने हैं। ऐसे में कोर्ट ने संबंधित प्रवर्तन अधिकारी और उपायुक्त से स्पष्टीकरण मांगा है कि सरकारी भूमि और सड़क पर अवैध निर्माण और अतिक्रमण किस तरह होने दिया गया। 429 को नोटिस, मकान पर भी चस्पा होगा कोर्ट ने सूची की जांच में पाया कि कुछ आवासों और दुकानों के स्वामियों के नाम दर्ज नहीं हैं। इस पर JDA के अधिवक्ता को संबंधित मकानों का आवश्यक विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। कोर्ट ने 429 संबंधित आवासों और मकानों के स्वामियों को नोटिस जारी किए हैं। प्रवर्तन अधिकारी को निर्देश दिया गया है कि प्रत्येक नोटिस संबंधित स्वामी को व्यक्तिगत रूप से तामील कराने के साथ मकान पर भी चस्पा किया जाए। नोटिस मिलने वाले संबंधित लोगों को अगली सुनवाई में अपने अधिवक्ता के माध्यम से उपस्थित होकर यह स्पष्ट करना होगा कि उन्होंने संबंधित जमीन पर मकान या अन्य निर्माण किस आधार पर और किस तरह किया। कुछ लोगों ने खुद को पक्षकार बनाने के लिए आवेदन दिया वहीं, इस पूरे मामले में कुछ लोगों ने खुद को भी प्रकरण में पक्षकार बनाए जाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किए हैं। हाईकोर्ट ने इन आवेदनों की प्रतियां JDA के अधिवक्ता और रिट याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि जरूरत होने पर दोनों पक्ष अपना जवाब पेश कर सकें। 1 सितंबर को होगी अगली सुनवाई अब मामले की अगली सुनवाई 1 सितंबर को राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ में होगी। हाईकोर्ट के निर्देशों की पालना में JDA संबंधित रिकॉर्ड जुटाने और आवश्यक कार्रवाई करने में जुटा है। बता दें कि पृथ्वी राज नगर जोन 18 और 19 से जुड़े 429 मकान-दुकानों को सरकारी भूमि और सड़क भूमि पर अतिक्रमण – निर्माण से संबंधित बताया गया है। अब इन निर्माणों के स्वामियों को कोर्ट के समक्ष अपने निर्माण का आधार स्पष्ट करना होगा, वहीं JDA के संबंधित अधिकारियों से भी जवाब मांगा गया है कि इन निर्माणों को होने से क्यों नहीं रोका गया।