अलवर नगर निगम का चुनाव इस बार दिलचस्प होने वाला है। टिकट चाहने वाले एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। ऐसे में सियासी गलियारों में पुरानी रंजिश और नए रिश्तों के दांव-पेच भी देखने को मिल सकते हैं। वर्तमान मेयर घनश्याम गुर्जर ने अपनी पुत्र वधू के लिए टिकट मांगा है। वहीं निगम में 6 साल पहले हुए ‘थप्पड़कांड’ की गूंज चुनाव में देखने को मिल सकती है। एक्सईएन (तत्कालीन कार्यवाहक आयुक्त) कुमार संभव अवस्थी की पत्नी और पूर्व चेयरमैन बीना गुप्ता आमने-सामने हुए तो ये महज चुनाव नहीं पुरानी रंजिश का मंच बन जाएगा। वहीं वन मंत्री संजय शर्मा के साढ़ू साहब ने भी टिकट मांगा है। निगम चुनाव की बिसात पर उभरे इन तीन बड़े सियासी किस्सों को विस्तार से पढ़िए- किस्सा-1: थप्पड़ का हिसाब 6 साल बाद चुनाव मैदान में! अलवर नगर निगम की पूर्व चेयरमैन बीना गुप्ता और एक्सईएन (तत्कालीन कार्यवाहक आयुक्त) कुमार संभव अवस्थी अपनी पत्नी के लिए टिकट की जोड़-तोड़ में लगे हैं। बता दें कि इन दोनों के बीच एक पुराना रिश्ता भी है, जो कि एक ‘थप्पड़कांड’ से जुड़ा है। उस समय दोनों निगम में पोस्टेड थे, जब ये हाई-प्रोफाइल विवाद कोतवाली थाने तक पहुंचा था। बात अगस्त 2020 की है जब अलवर में इंदिरा रसोई के टेंडर व वर्क ऑर्डर को लेकर नगर परिषद की पूर्व सभापति बीना गुप्ता और कार्यवाहक आयुक्त कुमार संभव अवस्थी के बीच विवाद हुआ था। पूर्व सभापति ने ऑनलाइन टेंडर की मांग की थी, जबकि एक्सईएन पर अनियमितताओं के आरोप लगे थे। बीना गुप्ता ने एक्सईएन के साथ मारपीट की थी। इस घटना के बाद राज्य सरकार ने एक्सईएन को निलंबित कर दिया था। अब इस विवाद के 6 साल बाद XEN अवस्थी ने अपनी पत्नी सुशीला शर्मा को पूर्व चेयरमैन के सामने मैदान में उतारने का मन बना लिया है। सुशीला शर्मा ने बीजेपी नेताओं को पार्षद टिकट के लिए अपना बायोडाटा सौंप दिया है। वहीं दूसरी तरफ साल 2021 में रिश्वत मामले में जेल जा चुकीं और फिलहाल जमानत पर चल रहीं पूर्व चेयरमैन बीना गुप्ता ने फिर से कांग्रेस से दावेदारी ठोकी है। अगर दोनों पार्टियों से हरी झंडी मिलती है, तो यह मुकाबला महज चुनाव न होकर पुरानी रंजिश का मंच बनेगा। किस्सा-2: कुर्सी बची तो अब बहू के लिए ‘मेयर’ साहब की किलेबंदी अलवर नगर निगम की पूर्व चेयरमैन बीना गुप्ता के ट्रैप के बाद उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था। इसका फायदा घनश्याम गुर्जर को हुआ था। वे उप सभापति से सभापति और फिर नगर परिषद के निगम बनते ही पहले ‘मेयर’ घनश्याम गुर्जर बने थे। घनश्याम अब अपनी अगली पीढ़ी को सेट करने में जुट गए हैं। इस बार अलवर में मेयर की सीट महिला के लिए आरक्षित है। ऐसे में वर्तमान मेयर घनश्याम गुर्जर ने अपने बेटे एडवोकेट जितेंद्र उर्फ जीतू की पत्नी को मैदान में उतारने के लिए पार्टी से टिकट मांगा है। अब देखना दिलचस्प होगा कि हाईकमान ‘परिवारवाद’ के इस दांव पर मुहर लगाता है या नहीं। किस्सा-3: मंत्री संजय शर्मा के साढू ने भी किया आवेदन सत्ता के गलियारों में पकड़ का फायदा उठाने के लिए दावेदारों की लंबी लाइन है। शहर के वार्ड नंबर 23 से राजस्थान के वन राज्य मंत्री संजय शर्मा के साढ़ू राजीव शर्मा ने बीजेपी से पार्षद पद के लिए टिकट का आवेदन किया है। मनु मार्ग निवासी राजीव शर्मा पहले मेडिकल स्टोर चलाते थे। अब बिजनेस करते हैं। मंत्री के नजदीकी होने की बदौलत उनकी दावेदारी को वार्ड में खासा मजबूत माना जा रहा है लेकिन टिकट मिलना आसान नहीं है। दूसरे दावेदार भी मजबूत हैं। अलवर नगर निगम में टिकट बंटवारे को लेकर खींचतान चरम पर है। एक तरफ जहां बीना गुप्ता और कुमार संभव अवस्थी का संभावित आमना-सामना चुनाव को व्यक्तिगत साख की लड़ाई बना रहा है। वहीं दिग्गजों की अपनों को टिकट दिलाने की जिद ने पार्टी आलाकमान की सिरदर्दी बढ़ा दी है। वैसे अलवर के 65 वार्डों में से करीब 15 वार्डों में दोनों पार्टियों को टिकट देना आसान नहीं है। दावेदारों की बड़ी लंबी लाइन है। जिनमें बड़े नेताओं के परिवार भी शामिल हैं।