लुधियाना में स्थानीय राजनीति में उस समय गरमाहट आ गई जब बिजली विभाग (PSPCL) ने वार्ड नंबर 66 से मौजूदा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पार्षद रोहित सिक्का के खिलाफ बिजली चोरी का मामला दर्ज कर लिया। विभाग की इस कार्रवाई के तहत पार्षद पर ₹1.29 लाख का जुर्माना और ₹40 हजार का कंपाउंडिंग चार्ज (कुल ₹1.69 लाख) लगाया गया है। दूसरी ओर, भाजपा पार्षद रोहित सिक्का ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह से राजनीतिक रंजिश और दबाव बनाने की रणनीति करार दिया है। “मीटर मेरे नाम पर नहीं, मैं तो सिर्फ बैठता हूं” दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत के दौरान पार्षद रोहित सिक्का ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि जिस मीटर को आधार बनाकर यह कार्रवाई की गई है, वह उनके नाम पर है ही नहीं। इसके साथ ही, जिस प्रॉपर्टी पर यह कार्रवाई हुई है, सरकारी दस्तावेजों में उसमें भी उनका नाम दर्ज नहीं है। रोहित सिक्का का कहना है कि वह उस दफ्तर में केवल रोजाना करीब दो घंटे के लिए बैठता हूं, ताकि इलाके के लोगों की समस्याओं को सुन सकूं और उनका समाधान कर सकूं। महज वहां बैठने के आधार पर मेरे खिलाफ बिजली चोरी का मामला दर्ज कर देना पूरी तरह से गलत और निराधार है।” सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग और FCC चुनाव प्रभावित करने का आरोप पार्षद ने बताया कि यह मामला 21 अगस्त को दर्ज किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि 24 अगस्त तक विभाग द्वारा तय की गई जुर्माने की पूरी राशि जमा करवाए जाने के बावजूद, उन्हें जमानत देने में जानबूझकर आनाकानी की जा रही है। सिक्का के अनुसार, इस ढुलमुल रवैये से साफ पता चलता है कि मौजूदा सरकार और बिजली विभाग के अधिकारी मिलकर विरोधी दल के नेताओं पर नाजायज दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आगामी एफएंडसीसी (FCC) चुनाव को प्रभावित करने के मकसद से यह कार्रवाई की गई है, ताकि विपक्ष के नेता मतदान प्रक्रिया में हिस्सा न ले सकें। उन्होंने कहा कि सरकार राजनीतिक विरोधियों को डराने-धमकाने के लिए सरकारी मशीनरी का खुलकर दुरुपयोग कर रही है।