जोधपुर जिले में 220 केवी बिलजी की लाइन पर फंसे फ्लेमिंगो पक्षी को बचाने के लिए जयपुर से शटडाउन लिया गया। 100 फीट ऊंचे तार पर लटके पक्षी को उतारने के लिए एक हेल्पर को चढ़ाया गया। नीचे ग्रामीण जाल बिछाकर खड़े रहे। राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड(RVPN) की टीम ने तीन घंटे में फ्लेमिंगो को रेस्क्यू कर लिया। मामला काकाणी गांव का मंगलवार सुबह करीब 11 बजे का है। AEN गंगाराम मांझू ने बताया- सुबह गांव वालों ने फोन कर बताया कि कांकाणी-पाली 220 केवी लाइन पर एक पक्षी लटका हुआ है और तड़प रहा है। इसके बाद टीम मौके पर पहुंची। सूचना पर एसई एमके सोनी भी मौके पर पहुंचे। गंगाराम मांझू ने बताया- लाइन को बंद कराने के लिए लोड डिस्पेच सेंटर जयपुर से दोपहर 12:20 बजे शटडाउन की परमिशन मिलने के बाद लाइन को बंद करके रेस्क्यू शुरू किया गया। करीब दो बजे तक यह रेस्क्यू अभियान चला। पहले देखें रेस्क्यू के PHOTOS लाइन पर झूला बांधकर युवक को चढ़ाया एईएन गंगाराम ने बताया- टीम ने कंस्ट्रक्शन और मेंटेनेंस करने वाली टीम को मौके पर बुलाया। जैसे लाइन फॉल्ट होने पर हम झूला बांधते हैं। उसी तरह जहां पक्षी लटका था, उसी जगह झूले को लॉक कर दिया गया। झूले की मदद से टेक्निकल हेल्पर 100 फीट ऊपर तार पर पहुंचा। इसके बाद रस्सी और सेफ्टी इक्विपमेंट की मदद से युवक धीरे-धीरे पक्षी को लाइन से छुड़ाया। एक पैर टूट गया था एईएन गंगाराम ने बताया- फ्लेमिंगों का एक पैर टूट गया था। वह चमड़ी की मदद से लाइन पर सुबह से लटका हुआ था। जब रेस्क्यू अभियान शुरू किया तो ग्रामीण भी मदद के लिए आगे आए। ग्रामीण लाइन के नीचे एक जाल लेकर खड़े रहे, ताकि ऊंचाई से यदि पक्षी गिर भी जाए तो उसे नुकसान नहीं हो। जैसे ही उसे तारों से छुड़ाया, फ्लेमिंगो आकर जाल में गिर गया। उन्होंने बताया- रेस्क्यू शुरू होने से पहले हमने वन विभाग की टीम को भी मौके पर बुला लिया था। इसके बाद फ्लेमिंगो को इलाज के लिए टीम को सौंप दिया ।
