उदयपुर शहर में एक आश्रम में 10 साल की बच्ची के साथ रेप हुआ। आश्रम संचालिका का भाई ही बच्ची का शोषण करता था। बच्ची ने कई बार संचालिका को इस बारे में बताया था, लेकिन उसने एक्शन लेने के बजाय उसे चुप रहने को कहा। बच्ची की मां के मरने के बाद पिता उसे आश्रम में करीब 6 महीने पहले अकेला छोड़ गया था। इसके बाद कभी मिलने नहीं गया। वहीं बच्ची को स्कूल में पढ़ाने वाले एक टीचर कभी-कभी उससे मिलने जाते थे। टीचर 5 अगस्त को बच्ची से मिलने आए तो उसने घटना की जानकारी दी। इस पर टीचर ने चाइल्ड हेल्प लाइन को इसकी शिकायत की। तब शिकायत मिलने के बाद चाइल्ड हेल्प लाइन ने बच्ची को आश्रम से 6 अगस्त को रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति (CWC) के सामने पेश किया। समिति ने बच्ची को सरकारी बालिका गृह में शेल्टर करवाया है। समिति ने 13 अगस्त को स्थानीय पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया। अब पुलिस मामले में जांच कर रही है। बच्ची के साथ करता था गंदी हरकतें CWC अध्यक्ष यशोदा पणिहार ने बताया- आरोपी आश्रम में बच्ची को अकेली देखकर गंदी हरकतें करता था। बच्ची कई बार मना करती, लेकिन नहीं मानता। यशोदा पणिहार ने बताया- हमने जब बच्ची की काउंसलिंग की तो वह बेहद डरी और सहमी थी। वह बार-बार बोल रही थी कि आप मुझे वापस आश्रम मत भेजना। अध्यक्ष ने बताया- बच्ची की मां का कुछ साल पहले निधन हो गया था। उसका पिता मजदूरी करता है और शराब का आदी है। बच्ची इकलौती संतान है, इसलिए पिता कुछ महीने पहले उसे आश्रम छोड़ गया था। इसके बाद पिता वापस कभी बेटी से मिलने नहीं आया। एसपी ने लिए बच्ची के बयान एसपी डॉ. अमृता दुहन ने राजकीय बालिका गृह का गुरुवार को निरीक्षण किया। इस दौरान वे पीड़ित बच्ची से मिलीं। एसपी ने बच्ची के बयान लिए। इस दौरान बच्ची ने एसपी को बताया- मैंने कई बार संचालिका को इसकी शिकायत की थी, लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया। एसपी ने मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया। आश्रम में पूर्व टीचर मिलने गया तो बच्ची ने बताई घटना बच्ची को जिस टीचर ने पहले पढ़ाया था। वह टीचर कभी-कभी बच्ची को कुछ सामान देने और मिलने आश्रम में जाता था। तभी बच्ची ने रोते हुए टीचर को अपने साथ हो रहे यौन शोषण के बारे में बताया। टीचर ने चाइल्ड लाइन की टीम को इसकी शिकायत की। इसके बाद मामला सामने आया। पुलिस फिलहाल मामले की जांच में जुटी है।
