पिंडवाड़ा के झाड़ोली स्थित समुदाय प्रबंधित प्रशिक्षण केंद्र (सीएमटीसी) में राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) के तत्वावधान में दो दिवसीय जिला स्तरीय वीपीआरपी (ग्राम समृद्धि एवं लचीलापन योजना) प्रशिक्षण शुरू हुआ। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य वीपीआरपी की भूमिका और जिम्मेदारियों, सामुदायिक संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित करने तथा ग्रामीण परिवारों की आजीविका संबंधी आवश्यकताओं की पहचान कर उन्हें विभिन्न गतिविधियों से जोड़ने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान करना है। इसमें जिले की सभी क्लस्टर मैनेजर, लेखापाल और डेटा एंट्री सखियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों को वीपीआरपी की भूमिका, कार्यप्रणाली, समुदाय के साथ प्रभावी समन्वय, परिवारों की आवश्यकताओं का आकलन, आजीविका योजना निर्माण और विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी दी गई। समूह चर्चा, सहभागी गतिविधियों और व्यावहारिक अभ्यास के माध्यम से उनकी क्षमता का विकास किया जा रहा है। इस अवसर पर ब्लॉक परियोजना प्रबंधक निधि गुसाई, प्रांजलि जाधव और मनोज कुमार मीणा, एरिया कोऑर्डिनेटर रामप्रसाद मीणा और मुकेश लोढ़ा तथा डीआरसी आरपीआरपी मणिलाल मौजूद रहे। प्रशिक्षक के रूप में धर्मेंद्र बैरवा और मनोज खत्री (पीए एमआईएस) ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया। इस दो दिवसीय प्रशिक्षण से प्रतिभागियों को वीपीआरपी से संबंधित कार्यों की बेहतर समझ विकसित करने, सामुदायिक संस्थाओं के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित करने और ग्रामीण परिवारों को आजीविका के बेहतर अवसरों से जोड़ने के लिए आवश्यक ज्ञान और व्यावहारिक कौशल मिलेगा। इससे उनकी कार्यक्षमता में वृद्धि होगी और राजीविका की सामुदायिक संस्थाएं सशक्त होंगी।