सवाई माधोपुर जिले के खंडार की बेटी गौरांगी शर्मा ने मिटश्योर ओलम्पियाड मास्टर्स में शानदार प्रदर्शन किया। गौरांगी का चयन प्रतिष्ठित नासा विजिट के लिए हुआ है। वह इस उपलब्धि को हासिल करने वाली राजस्थान की एकमात्र छात्रा हैं। वर्तमान में वह विद्या दायिनी सेकेंडरी स्कूल, सवाई माधोपुर की छात्रा हैं। जयपुर के होटल मैरिएट में आयोजित राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में मिटश्योर ओलम्पियाड मास्टर्स के परिणाम घोषित किए गए। समारोह में देशभर के विभिन्न राज्यों से आए छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, प्रिंसिपल्स और स्कूल प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। विज्ञान में उत्कृष्ट प्रदर्शन, कई चरणों की परीक्षा के बाद मिला चयन गौरांगी ने विज्ञान विषय में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए लिखित परीक्षा और इंटरव्यू समेत चयन प्रक्रिया के सभी चरण सफलतापूर्वक पार किए। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद पूरे देश से सिर्फ चार विद्यार्थियों का नासा विजिट के लिए चयन हुआ। गौरांगी शर्मा के अलावा चयनित विद्यार्थियों में आयशा (हरियाणा), शुभ जैन (मध्य प्रदेश) और जयप्रकाश पांडे (मध्य प्रदेश) शामिल हैं। 60 विद्यार्थियों का सम्मान, 50 हजार तक के पुरस्कार राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में देशभर के 60 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया। विजेताओं को 50 हजार रुपए तक के पुरस्कार, मेडल और प्रशस्ति पत्र दिए गए। कार्यक्रम में डॉ. पी. अग्रवाल, प्रो. अनिल धवन और विनोद पंवार ने विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया। ग्रामीण प्रतिभाओं को मिला राष्ट्रीय मंच इस ओलम्पियाड की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि पुरस्कार पाने वाले विद्यार्थियों में केवल महानगरों के ही नहीं, बल्कि छोटे कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राएं भी शामिल रहे। समारोह में देश के लगभग सभी जिलों से आए स्कूल प्रतिनिधियों का भी सम्मान किया गया। शिक्षकों और प्रिंसिपल्स ने कहा- मिटश्योर ओलम्पियाड मास्टर्स जैसे मंच ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं। एक लाख से अधिक छात्रों ने कराया था पंजीकरण मिटश्योर के चेयरमैन मनोज मित्तल ने बताया- देशभर से एक लाख से अधिक विद्यार्थियों ने ओलम्पियाड के लिए रजिस्ट्रेशन कराया। उन्होंने कहा- मिटश्योर ओलम्पियाड मास्टर्स का उद्देश्य केवल परीक्षा आयोजित करना नहीं है, बल्कि देश के बड़े और छोटे सभी शहरों की प्रतिभाओं तक पहुंचना है। हमारा विश्वास है कि हर बच्चे में एक अनोखी प्रतिभा होती है और उसे सही समय पर सही अवसर मिलना चाहिए। नासा में सीखेंगी स्पेस साइंस की बारीकियां नासा विजिट के दौरान गौरांगी शर्मा और अन्य चयनित विद्यार्थी रॉकेट साइंस, स्पेस रिसर्च, एस्ट्रोनॉमी से जुड़ी अत्याधुनिक लैब्स और विभिन्न वैज्ञानिक प्रोजेक्ट्स का अध्ययन करेंगे और वैज्ञानिकों से संवाद का अवसर भी प्राप्त करेंगे। वैज्ञानिक बनने का सपना अपनी उपलब्धि पर गौरांगी शर्मा ने कहा- नासा जाने का अवसर मेरे लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने बताया- मेरा लक्ष्य भविष्य में वैज्ञानिक बनकर देश के लिए योगदान देना है। वहीं गौरांगी की इस उपलब्धि से खंडार और पूरे सवाई माधोपुर जिले में खुशी का माहौल है। स्कूल प्रबंधन, शिक्षकों और परिजनों ने इसे गौरांगी की मेहनत, लगन और प्रतिभा का परिणाम बताते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।