जयपुर में 200 साल पुरानी हवेली तोड़ने का काम शुरू करने के 10वें दिन मजूदरों को खजाना मिल गया था। चांदी की 2 बड़ी सिल्लियां और 1500 सिक्के मिलने के बाद ठेकेदार और मजदूरों ने प्लान बनाया कि इसे आपस में बांट लेंगे। चुप रहने में फायदा होगा, नहीं तो हवेली का मालिक खजाना ले लेगा। खजाना मिलने के बारे में किसी को शक नहीं हो इसलिए रोजाना हवेली तोड़ने का काम करते रहना भी तय किया। अंधेरा होने पर ठेकेदार और उसके साथी खजाने को स्कूटी पर रखकर जामडोली के जंगल में ले गए। यहां पांचों लोगों ने 300-300 चांदी के सिक्के रख लिए। मजदूरों ने चांदी की 2 सिल्लियों (करीब 31 किलो और 35 किलो) का बंटवारा 2-3 साल बाद करना तय किया और उनको जंगल में गड्ढा खोदकर दबा दिया। एक आरोपी ने चांदी के सिक्के बेचकर बेटी की शादी की, जबकि एक मजदूर ने खुद के लिए गहने बनवा लिए। वहीं, ठेकेदार ने जेसीबी और 2 ट्रैक्टर खरीदे लिए। पुलिस ने गिरफ्तार पांचों आरोपियों को रविवार को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की, जिसमें ये खुलासे हुए। पुलिस सभी आरोपियों को सोमवार को कोर्ट में पेश कर दोबारा रिमांड पर लेगी। चांदी के सिक्के खरीदने वालों को पकड़ेगी पुलिस
डीसीपी (नॉर्थ) करण शर्मा ने बताया- पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बड़ी मात्रा में चांदी के सिक्के बेचकर मिले लाखों रुपए से जरूरतें पूरी करना कबूल किया है। उन्होंने चांदी के सिक्के जयपुर से बाहर बेचने की बात कही है। पुलिस अब चांदी के सिक्के खरीदने वालों को गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है। SHO (माणक चौक) राकेश ख्यालिया ने बताया- पूछताछ में पांचों आरोपियों ने खजाने में मिले चांदी के 1500 सिक्के छुपाकर रखना कबूल किया है। पुलिस अब छुपाए हुए चांदी के सिक्कों को बरामद करने के प्रयास कर रही है। पुलिस सिक्कों की बिक्री और उससे जुड़े लेन-देन की भी जांच कर रही है। नगर निगम के नोटिस के बाद तुड़वाई जर्जर हवेली SHO राकेश ख्यालिया ने बताया- त्रिपोलिया बाजार में विद्याधर का रास्ता में राहुल सेठी की 200 साल पुरानी हवेली है। हवेली का करीब 450 वर्गगज हिस्सा जर्जर हो चुका था। नगर निगम की ओर से इसे गिराने के लिए मालिक को नोटिस दिया गया था। इसके बाद हवेली मालिक राहुल सेठी ने प्राइवेट कंपनी से बिल्डिंग तोड़कर नया निर्माण का एग्रीमेंट किया था। नई बिल्डिंग बनाकर देने के बदले बिल्डर ने 35 प्रतिशत हिस्सेदारी मांगी थी। 4 लाख रुपए में हवेली तोड़ने का ठेका महेश मल्होत्रा उर्फ छोटू को दिया गया था। खजाना मिलने पर आपस में बांटने का प्लान बनाया SHO ने बताया- ठेकेदार छोटू ने पूछताछ में बताया कि नवंबर 2025 में हवेली तोड़ने का काम शुरू किया। उसके साथ मजदूर जगदीश राजोरिया, ओमप्रकाश खींची उर्फ पप्पू, अनुज अरोड़ा और रजनी मल्होत्रा भी थे। काम शुरू करने के करीब 10 दिन में ही चांदी की बड़ी सिल्ली मिल गई थी। चांदी की सिल्ली मिलते ही वहां मौजूद पांचों लोगों ने एकराय होकर तय किया कि इस खजाने को आपस में बराबर-बराबर बांट लेंगे। किसी को भी इस बारे में शक नहीं हो, इसलिए रोजाना हवेली तोड़ने का काम करते रहने की बात तय की। इसके बाद शाम को अंधेरा होते ही स्कूटी पर चांदी की सिल्ली रखकर ले गए। और खजाना मिलने की आस में बारीकी से हवेली तोड़ने का काम शुरू किया। खुदाई के दौरान चांदी की 1 और बड़ी सिल्ली और बड़ी मात्रा में चांदी के सिक्के मिले। जिनको भी स्कूटी पर रखकर वहां से ले गए। इसके बाद पांचों लोगों ने इकट्ठा होकर माल बंटवारे की बात रखी। सभी लोगों ने 300-300 सिक्के आपस में बांट लिए, जबकि खजाने में मिली करीब 31 किलो और 35 किलो वजनी चांदी की सिल्लियों का बंटवारा 2-3 साल बाद करना तय किया और दोनों सिल्लियों को जामडोली के जंगल में गड्ढा खोदकर दबा दिया। ठेकेदार ने खरीदे ट्रैक्टर-जेसीबी, एक मजदूर ने की बेटी की शादी SHO राकेश ख्यालिया ने बताया कि ठेकेदार ने मजदूर अनुज अरोड़ा के हिस्से के 300 सिक्के अपने पास रखकर बदले में 50 हजार रुपए दे दिए। इसके बाद जयपुर के बाहर चांदी के सिक्कों को बेच दिया। सिक्के बेचने से आए रुपयों में से 4.50 लाख रुपए देकर 2 ट्रैक्टर खरीदे और कुछ पेमेंट देकर सेकंड हैंड जेसीबी का खरीद का एग्रीमेंट करवा लिया। मजदूर जगदीश ने भी अपने हिस्से के सिक्के बेचकर होमगार्ड में तैनात अपनी बेटी की शादी कर दी, जिसमें करीब 20 लाख रुपए खर्च किए। इनमें से 9 लाख रुपए चांदी के सिक्के बेचकर मिले थे। रजनी ने खुद के हिस्से के सिक्के बेचकर अपने लिए गहने बनवा लिए। बंटवारे को लेकर हुए विवाद के चलते खुला खजाने का राज SHO ने बताया- मजदूर ओमप्रकाश के हिस्से के सिक्के बेचने से आए रुपए ठेकेदार छोटू ने खुद रख लिए। साथी मजदूरों के हिस्से के सिक्कों को बेचने पर लाखों रुपए मिलने की बात अनुज को पता चली तो वह छोटू के पास पहुंचा और अपने हिस्से के बाकी रुपए मांगे। इस पर छोटू ने अनुज से कहा कि हवेली मालिक को खजाना मिलने की बात पता चल गई है और अब उसको खजाना वापस करना पड़ेगा। ये सुनकर अनुज अपने साथी ओमप्रकाश के पास पहुंचा। उसने हवेली मालिक के बारे में जानकारी जुटाई और उसके पास पहुंच गया। उसने हवेली तोड़ने के दौरान मिले करोड़ों रुपए के खजाने के बारे में मालिक को बता दिया। करीब 10 महीने बाद खजाना मिलने का राज खुल गया। इसके बाद हवेली मालिक राहुल सेठी ने माणक चौक थाने में मामला दर्ज करवाया। करोड़ों का खजाना हड़पने वाले 5 आरोपी —– खजाने से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… 1. जयपुर-हवेली की नींव से निकले सोने से भरे 15 कलश:45 किलो चांदी की सिल्लियां, 10 हजार सिक्के भी; मालिक का दावा- मजदूरों ने आपस में बांटे जयपुर में एक हवेली की खुदाई में खजाना मिलने का दावा है। मालिक का आरोप है कि ठेकेदार और उसके साथियों ने पूरा खजाना गायब कर दिया। पूरी खबर पढ़िए… 2. जयपुर की एक और हवेली से निकली खजाने वाली तिजोरियां:एक ठेकेदार लेकर भागा; परिवार का दावा- दादी ने कहा था यहां है सोने-चांदी का भंडार जयपुर में करीब 250 साल पुरानी बंबई वालों की हवेली की खुदाई में खजाने वाली दो तिजोरी निकलने का दावा किया गया है। परिवार का आरोप है कि इनमें से एक छोटी तिजोरी खुदाई करने वाला ठेकेदार चोरी-छिपे ले गया। पूरी खबर पढ़िए… 3. जमीन खुदाई में मिला खजाना किसका, मालिक या सरकार का?:जयपुर में घर में मिले सोने से भरे 15 कलश; 8 सवालों से समझें नियम
हाल ही जयपुर में एक हवेली की खुदाई में खजाना मिलने का दावा किया गया। मालिक का आरोप है कि ठेकेदार और उसके साथियों ने करीब 40-45 किलो चांदी की सिल्लियां, सोने के सिक्कों से भरे 14-15 कलश और 8 से 10 हजार चांदी के पुराने सिक्के आपस में बांट लिए। मामला पुलिस तक पहुंच गया है। पढ़ें पूरी खबर 4. जयपुर में 10-महीने बाद खुला करोड़ों के खजाने का राज:जंगल में दबा रखी थी 66 किलो से ज्यादा चांदी; मुख्य आरोपी समेत 5 गिरफ्तार जयपुर पुलिस ने करीब 10 महीने पुराने एक बड़े खजाना चोरी मामले का खुलासा किया है। माणक चौक थाना पुलिस और DST नॉर्थ की टीम ने मिलकर इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। (पूरी खबर पढ़ें)