सीकर पुलिस ने सिल्वर जुबली रोड स्थित तनिष्क शोरूम पर फायरिंग करने वाले 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये तीनों आरोपी बिहार भागने की फिराक में थे, जिन्हें पुलिस ने मेरठ (उत्तर प्रदेश) से दबोचा है। पुलिस ने इनके पास से वारदात में इस्तेमाल तीन बाइक और एक क्रेटा गाड़ी भी बरामद की है। कार्रवाई के दौरान एक आरोपी ने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की, जिस पर पुलिस ने फायरिंग कर दी। पैर में गोली लगने से घायल हुए आरोपी का फिलहाल अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस अब इस मामले में फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। आज लक्ष्मणगढ़ डीवाईएसपी (DYSP) दिलीप मीणा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे मामले का खुलासा किया। 4 पॉइंट में समझिए पूरा मामला… 1. 10 दिन बाद आरोपियों की गिरफ्तारी लक्ष्मणगढ़ डीवाईएसपी (DYSP) दिलीप मीणा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गत 26 जुलाई की सुबह सिल्वर जुबली रोड स्थित तनिष्क शोरूम पर तीन बाइकों पर सवार होकर छह बदमाश आए थे। इन बदमाशों ने शोरूम में डकैती के इरादे से सुरक्षा गार्ड की बंदूक छीनकर फायरिंग की थी, लेकिन वहां मौजूद स्टाफ ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत सायरन बजा दिया, जिससे घबराकर आरोपी बिना लूट किए ही मौके से फरार हो गए। घटना के बाद से ही पुलिस की विशेष टीमें लगातार बदमाशों के पीछे लगी हुई थीं। करीब 4 हजार सीसीटीवी फुटेज खंगालने और तकनीकी विश्लेषण के बाद पुलिस ने तीन मुख्य आरोपियों—बिट्टू कुमार उर्फ अजीत (28 वर्ष, निवासी मोतिहारी, बिहार), राहुल कुमार (26), निवासी बेगूसराय और संजीव कुमार (30), निवासी पटना को गिरफ्तार कर लिया। 2. बिहार की ‘सरदार गैंग’ का खतरनाक मॉड्यूल पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी बिहार की कुख्यात ‘सरदार गैंग’ के सक्रिय सदस्य हैं। इस गैंग को इनका सरगना ‘सरदार’ बिहार में बैठकर ही ऑपरेट करता है। इस गैंग के काम करने का तरीका बेहद शातिर है; ये किसी भी शहर में वारदात करने से पहले अलग-अलग इलाकों से मोटरसाइकिलें चोरी करते हैं और वारदात के बाद उन्हें अलग-अलग जगहों की पार्किंग में लावारिस छोड़ देते हैं। सीकर की वारदात के बाद भी आरोपियों ने इस्तेमाल की गई तीन अपाचे बाइकों को हरियाणा के कैथल, करनाल और कुरुक्षेत्र में खड़ा कर दिया था और खुद क्रेटा गाड़ी के जरिए बिहार भागने की फिराक में थे। गिरफ्तार आरोपियों में शामिल बिट्टू कुमार बिहार में भी एक लूट के मामले में 50 हजार रुपए का इनामी बदमाश है। 3. सीकर में फेल होने के बाद हरियाणा के शोरूम में डकैती की थी योजना डीवाईएसपी ने बताया कि जब ये बदमाश सीकर के तनिष्क शोरूम में लूट करने में असफल रहे, तो इन्होंने हरियाणा के कैथल में स्थित तनिष्क शोरूम को अपना अगला निशाना बनाने की योजना बनाई थी। इसके लिए आरोपियों ने कैथल में बकायदा डेरा डालकर शोरूम की रेकी (रैकी) भी कर ली थी। लेकिन सीकर पुलिस के लगातार पीछे लगे होने और बढ़ते दबाव के कारण बदमाशों को अपनी योजना बीच में ही छोड़कर वहां से भागना पड़ा। गैंग का सरगना ‘सरदार’ बिहार से ही फोन के जरिए इन शूटरों को दिशा-निर्देश देता था और वारदात के बाद उन्हें सुरक्षित ठिकाने पर पहुंचाने की प्लानिंग करता था। 4. वारदात के बाद भागने का तरीका और केस सुलझाने वाली पुलिस टीम इस गैंग का मॉड्यूल यह है कि वारदात को अंजाम देने के बाद शूटर अलग-अलग दिशाओं में बिखर जाते हैं, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए गैंग के दूसरे सदस्य चार पहिया वाहन (फोर व्हीलर) लेकर आते हैं। सीकर में भी इन्होंने इसी तरीके का इस्तेमाल किया था। पुलिस जब आरोपियों को पकड़कर लेकर आ रही थी तो आरोपी बिट्टू ने रघुनाथगढ़ में पेशाब करने के बहाने पुलिस को रुकवाया। इसी दौरान वह पुलिस के पास से हथियार छीनकर भागने की कोशिश करने लगा। लेकिन वहां मौजूद इंस्पेक्टर सुनील कुमार जांगिड़ ने उसके पैर पर गोलीमार दी। इस बेहद जटिल मामले को सुलझाने, हजारों सीसीटीवी फुटेज खंगालने, बाइक जब्त करने और आरोपियों को दबोचने वाली विशेष टीम में इंस्पेक्टर सुनील कुमार जांगिड़, राकेश कुमार मीणा, अमित, सब-इस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल अरविंद, महेश, अंकुश और कांस्टेबल राकेश, महावीर, दलीप, दिनेश, जयसिंह, हरीश कमल, सुभाष, सुरेंद्र व मंजीत शामिल रहे। — यह खबर भी पढ़िए… ज्वेलरी शोरूम लूटने आए बदमाशों से भिड़े कर्मचारी-गार्ड:ग्राहकों पर बंदूक तानी, मारपीट करने लगे; सायरन बजते ही हवाई फायर कर भागे सीकर में तनिष्क ज्वेलरी शोरूम लूटने आए बदमाशों से गार्ड और कर्मचारी भिड़ गए। पहले 3 बदमाश ग्राहक बनकर शोरूम में घुसे और खरीदारी का नाटक करने लगे। फिर जैसे ही उनके बाकी साथी अंदर आए, आरोपियों ने वहां मौजूद ग्राहकों और कर्मचारियों पर बंदूक तान दी।(पूरी खबर पढ़ें)
