सीकर में महिला जज शालिनी गोयल ने डीलक्स और स्लीपर कोच बसों‌ की गुरुवार रात चैकिंग की। टीम में CJM हेमंत जानू, DTO ताराचंद बंजारा और ट्रैफिक DSP पूनम भरगड़ समेत पुलिस और परिवहन विभाग के कार्मिक शामिल थे। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सेक्रेटरी ADJ शालिनी‌ गोयल‌ ने टीम के साथ अखेपुरा टोल‌ बूथ पर लग्जरी व स्लीपर बसों की चैकिंग की। कार्रवाई के दौरान बसों में मोटर वाहन अधिनियम-1988, AIS-119 (Rev.1):2016 और राज्य सरकार की SOP के नियमों की पालना की जांच की गई। अधिकारियों ने बसों के रजिस्ट्रेशन, परमिट, फिटनेस सर्टिफिकेट, इंश्योरेंस और पॉल्यूशन सर्टिफिकेट, आपातकालीन निकास (Emergency Exit), अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguishers), इमरजेंसी हैमर, फर्स्ट एड किट और बस के ढांचे में किए गए अवैध या अनाधिकृत बदलावों की चैकिंग की गई। DLSA सेक्रेटरी व ADJ शालिनी गोयल ने बताया- जांच में कुल 15 लग्जरी और स्लीपर बसों को रोककर जांच की गई। इनमें से 11 बसों में नियमों का उल्लंघन पाया गया। चैकिंग टीम ने 11 बसों का चालान कर करीब 2 लाख रुपए का जुर्माना लगाया। वहीं, ज्यादा लापरवाही पाए जाने पर 3 स्लीपर बसों को मौके पर ही जब्त कर दिया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शालिनी गोयल ने कहा- इस अभियान का उद्देश्य सेफ-सिक्योर रोड ट्रांसपोर्टेशन और एक्सीडेंट्स पर अंकुश लगाना है। यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। ऐसे औचक निरीक्षण अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे।