उदयपुर में नियमों को ताक पर रखकर सड़कों पर दौड़ रहीं और अनधिकृत रूप से बनावट में बदलाव करने वाली स्लीपर व लग्जरी बसों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने बुधवार को गोवर्धन विलास थाना क्षेत्र के बलिचा चौराहे पर औचक निरीक्षण करते हुए 3 लग्जरी स्लीपर बसों को सीज कर दिया, जबकि नियमों का उल्लंघन करने पर 5 बसों के चालान काटकर 75 हजार रुपये का जुर्माना वसूला। बलिचा चौराहे पर औचक निरीक्षण अभियान राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के तत्वावधान में यह कार्रवाई जिला एवं सेशन न्यायाधीश (अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण) ज्ञान प्रकाश गुप्ता के निर्देशों पर की गई। नागरिकों के सुरक्षित परिवहन के अधिकार की रक्षा करने और सरकारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन कराने के लिए टीम अचानक बलिचा चौराहे पर पहुँची। चेकिंग टीम को देखकर अवैध रूप से बसें चलाने वाले संचालकों में हड़कंप मच गया। बनावट में अनधिकृत बदलाव और नियमों की अवहेलना निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने एक-एक कर 10 यात्री (पैसेंजर) बसों की बारीकी से जाँच की। जाँच में सामने आया कि कई बसों की मूल बनावट में बिना अनुमति के अनधिकृत फेरबदल किए गए थे, जो यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक थे। 5 बसों में विभिन्न नियमों की सीधी अवहेलना मिलने पर मौके पर ही चालान बनाए गए और संचालकों पर कुल 75 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं, गंभीर अनियमितताएँ पाए जाने पर 3 बसों को तुरंत जब्त कर सीज कर दिया गया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान अपर जिला न्यायाधीश एवं सचिव (जिला विधिक सेवा प्राधिकरण) राहुल चौधरी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार जोशी और जिला परिवहन अधिकारी मुकेश डाड सहित न्यायपालिका, प्रशासन और पुलिस विभाग के आला अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले बस संचालकों के खिलाफ आगे भी इस तरह की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
