पाली के पूनायता औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक फैक्ट्री में शुक्रवार को हुए दर्दनाक हादसे में गेटमैन भेराराम जाट की लिफ्ट से गिरने से मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों और समाज के लोगों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने फैक्ट्री प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए उचित कानूनी कार्रवाई और मृतक परिवार को मुआवजा देने की मांग की है। परिजनों ने पोस्टमॉर्टम करवाने से इनकार कर दिया और मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठ गए। जानकारी के अनुसार, रोहट क्षेत्र के काला पीपल की ढाणी निवासी और वर्तमान में शहर के महाराणा प्रताप सर्किल के निकट रहने वाले भेराराम(52) पुत्र मगाराम जाट पूनायता औद्योगिक क्षेत्र स्थित प्रांजुल फैक्ट्री में गेटमैन के पद पर कार्यरत थे। शुक्रवार दोपहर किसी कार्य से फैक्ट्री की लिफ्ट में चढ़ने के दौरान वे अचानक गिर गए। हादसे में उनके सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। सहकर्मी उन्हें तत्काल बांगड़ अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिजनों ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री मालिक ने हादसे से जुड़े सबूत मिटाने का प्रयास किया। हालांकि, इस संबंध में पुलिस या प्रशासन की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पोस्टमॉर्टम करवाने से किया इनकार
हादसे की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन और समाज के लोग अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने मृतक परिवार को उचित मुआवजा, दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की। मांगें पूरी होने तक परिजनों ने पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया और मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठ गए। तीन बच्चों और 90 वर्षीय मां का था एकमात्र सहारा
भेराराम की पत्नी का करीब छह वर्ष पहले निधन हो चुका था। परिवार में 12वीं कक्षा में पढ़ रहे दो बेटे अंकित और नरेंद्र के अलावा एक बेटी पूजा है, जो फिलहाल अपने ननिहाल में पढ़ाई कर रही है। घर की जिम्मेदारी संभालने वाले भेराराम ही परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। घर में 90 वर्षीय बुजुर्ग मां झमकूदेवी भी हैं, जो बच्चों की देखभाल करती हैं। बेटे की मौत की खबर मिलने के बाद उनका रो-रोकर बुरा हाल है।