मोगा की दाना मंडी में आढ़त का कारोबार करने वाले एक आढ़ती से उसके ही मुनीम द्वारा अपने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर 1 करोड़ 20 लाख 68 हजार रुपये की बड़ी धोखाधड़ी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस संबंध में थाना सिटी मोगा पुलिस ने जिला पुलिस प्रमुख के निर्देश पर मुनीम, उसकी पत्नी और दो बेटों समेत परिवार के सदस्यों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने शिकायत की गहन जांच के बाद मुख्य आरोपी मुनीम हरमिंदर सिंह उर्फ राजू, उसकी पत्नी जसविंदर कौर, और उसके दो बेटों लखपत राय व गुरमुख सिंह (सभी निवासी गांव दुन्नेके, मोगा) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई गांव डूगरी (लुधियाना) निवासी आढ़ती सुखवंत सिंह द्वारा जिला पुलिस प्रमुख मोगा को दी गई लिखित शिकायत के आधार पर की गई है। किसानों को भुगतान के नाम पर अपने खातों में मंगवाए पैसे शिकायतकर्ता सुखवंत सिंह ने बताया कि वह मोगा में ‘डूगरी ट्रेडिंग कंपनी’ के प्रोपराइटर हैं। उनका मुनीम हरमिंदर सिंह उर्फ राजू दाना मंडी मोगा स्थित दुकान नंबर-175 (मैसर्स रोडू शाह कमीशन एजेंट) पर बैठता था और बलखंडी मंडी स्थित आढ़त के काम सहित पूरी कंपनी का कामकाज संभालता था। सुखवंत सिंह खुद लुधियाना में रहते थे और केवल फसल सीजन के दौरान ही मंडी आते थे। इसी का फायदा उठाकर मुनीम हरमिंदर सिंह किसानों को फसल का भुगतान करने का बहाना बनाता था और सुखवंत सिंह से अपने तथा अपने बेटे लखपत राय के बैंक खातों में मोटी रकम ट्रांसफर करवा लेता था। परिवार और रिश्तेदारों के साथ मिलकर रची साजिश आरोप है कि मुनीम हरमिंदर सिंह ने अपने परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों के साथ मिलकर एक सोची-समझी साजिश रची थी। वह पहले डूगरी ट्रेडिंग कंपनी के खाते से पैसे किसानों के खातों में भिजवाता था और बाद में दबाव या मिलीभगत के जरिए उस राशि को अपने और अपने परिजनों के खातों में ट्रांसफर करवा लेता था। इसके अलावा कई मामलों में किसानों से सीधे नकद राशि भी वसूल की गई। बही-खातों की हेराफेरी में लखवीर सिंह नाम के व्यक्ति पर भी मुनीम का साथ देने का आरोप है, जो खातों का रख-रखाव देखता था। पुलिस जांच में किसानों के बयानों से हुआ खुलासा एसएसपी मोगा के आदेश पर आर्थिक अपराध शाखा द्वारा मामले की बारीकी से जांच की गई। इस दौरान पुलिस टीमों ने उन किसानों के बयान भी दर्ज किए, जिनके खातों में आढ़ती द्वारा पैसे भेजे गए थे। जांच में यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया कि किसानों के खातों में आई राशि को बाद में योजनाबद्ध तरीके से आरोपियों के निजी बैंक खातों में ही ट्रांसफर कराया गया था और कई जगह कैश लेन-देन हुआ था। पुलिस अब आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में ला रही है।
