जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय द्वारा लोहावट के एक निजी महाविद्यालय का परीक्षा केंद्र फलोदी ट्रांसफर करने के विरोध में सोमवार को बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। छात्रों ने उपखंड मुख्यालय पर तहसीलदार के माध्यम से कुलगुरु को ज्ञापन सौंपकर परीक्षा केंद्र को पुनः लोहावट में बहाल करने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। लोहावट से हटाकर फलोदी किया परीक्षा केंद्र ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कुछ दिन पहले यूनिवर्सिटी की उड़नदस्ता टीम परीक्षा निरीक्षण के लिए कॉलेज पहुंची थी। कॉलेज प्रबंधन का दावा है कि निरीक्षण के दौरान कोई नकल सामग्री या परीक्षा संबंधी अनियमितता नहीं पाई गई। हालांकि, टीम के सदस्य प्रोफेसर गौरव जैन पर कथित रूप से सामूहिक नकल का प्रकरण बनाकर यूनिवर्सिटी को भेजने का आरोप है, जिसके आधार पर परीक्षा केंद्र लोहावट से हटाकर फलोदी कर दिया गया। 35 किलोमीटर दूर होने से स्टूडेंट्स को परेशानी छात्र-छात्राओं का कहना है कि परीक्षा केंद्र 35 किलोमीटर दूर स्थानांतरित होने से उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। प्रदर्शन में शामिल छात्रा कोमल ने बताया कि कई परीक्षार्थी पहले से ही दूरदराज के क्षेत्रों से लोहावट परीक्षा देने आते थे। अब उन्हें और अधिक दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे समय और आर्थिक बोझ दोनों बढ़ेंगे। कॉलेज प्रबंधन ने कुलगुरु प्रो. पी.के. शर्मा को दिए ज्ञापन में प्रोफेसर गौरव जैन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रबंधन का कहना है कि भूगोल की प्रायोगिक परीक्षा के दौरान प्रोफेसर जैन ने कथित रूप से विद्यार्थियों से परीक्षा में उत्तीर्ण कराने के नाम पर धनराशि की मांग की थी। महाविद्यालय के अनुसार, छात्रों को पैसे न देने की सलाह देने के बाद प्रोफेसर ने महाविद्यालय के प्रति द्वेषपूर्ण रवैया अपनाया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। निष्पक्ष जांच की मांग स्टूडेंट्स का कहना है कि कॉलेज प्रबंधन ने यह भी बताया कि उसने पूरे परीक्षा केंद्र के सीसीटीवी फुटेज विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराए हैं, जिनमें किसी प्रकार की अनियमितता दिखाई नहीं देती। प्रबंधन ने कुलगुरु से मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषी पाए जाने पर संबंधित प्रोफेसर के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है। छात्र-छात्राओं और अभिभावकों ने एक बार फिर परीक्षा केंद्र को पुनः लोहावट में बहाल करने की मांग दोहराई है।