जैसलमेर। विश्वस्तरीय पहचान रखने वाला जैसलमेर आज दो अलग-अलग तस्वीरें पेश कर रहा है। एक ओर सदियों पुराना हेरिटेज क्षेत्र है, जहां संरक्षण के प्रयास लगातार दिखाई दे रहे हैं। दूसरी ओर तेजी से फैलता नया जैसलमेर है, जहां आबादी, आवास और व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ने की रफ्तार शहरी आधारभूत ढांचे से आगे निकलती नजर आ रही है। यही असंतुलन आने वाले वर्षों की सबसे बड़ी चुनौती बन सकता है। हेरिटेज क्षेत्र में भवनों के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और पर्यटन सुविधाओं पर निवेश हुआ, जबकि नए इलाकों में कई स्थानों पर सड़कें, वर्षा जल निकासी, सार्वजनिक परिवहन, पार्क, सामुदायिक सुविधाएं और पार्किंग का विकास आबादी की गति के अनुरूप नहीं बढ़ पाया। विशेषज्ञ मानते हैं कि नया जैसलमेर केवल नई कॉलोनियां बसाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। प्रत्येक विस्तार के साथ सड़क नेटवर्क, सीवरेज, वर्षा जल निकासी, पार्क, सार्वजनिक परिवहन, हरित पट्टी, पार्किंग और सामाजिक अधोसंरचना का समानांतर विकास अनिवार्य होना चाहिए।