स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी सरकारी स्कूलों और शिक्षा विभाग के कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए नया आदेश जारी किया है। अब हर कार्मिक को शाला दर्पण पोर्टल पर दर्ज अपनी पूरी जानकारी खुद जांचनी होगी और उसे प्रपत्र-10 में लॉक करना होगा। इसके बाद विभाग उस जानकारी का सरकारी रिकॉर्ड से मिलान करेगा। टोंक समेत पूरे प्रदेश के करीब साढ़े तीन लाख कार्मिक इस प्रक्रिया के दायरे में आएंगे। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने इसके आदेश जारी किए हैं। अगर कोई कार्मिक तय प्रक्रिया पूरी नहीं करता या गलत जानकारी देता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। 10 जुलाई तक अपनी पूरी जानकारी जांचकर करनी होगी लॉक शिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुसार सभी राजकीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के साथ ही शिक्षा विभाग के कार्यालयों में कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी शाला दर्पण पोर्टल पर अपने स्टाफ लॉगिन में जाकर स्टाफ प्रोफाइल के तहत उपलब्ध प्रपत्र-10 की सभी जानकारियां अपनी सेवा पुस्तिका और व्यक्तिगत रिकॉर्ड के अनुसार जांचेंगे। इसके बाद व्यक्तिगत, शैक्षणिक, सेवा, पदोन्नति, पारिवारिक, बैंक, प्रशिक्षण समेत 15 अलग-अलग फॉर्मेट को 10 जुलाई तक लॉक करना होगा। 15 जुलाई तक अधिकारी करेंगे रिकॉर्ड से मिलान कार्मिक द्वारा जानकारी लॉक करने के बाद उसकी जांच होगी। प्रारंभिक शिक्षा के स्कूलों में पीईईओ और यूसीईईओ, जबकि माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में संस्था प्रधान प्रपत्र-10 में दर्ज जानकारी का सेवा रिकॉर्ड से मिलान करेंगे। शिक्षा विभाग के कार्यालयों में संबंधित कार्यालयाध्यक्ष यह सत्यापन करेंगे। यह पूरी प्रक्रिया 15 जुलाई तक पूरी करनी होगी। सत्यापन के बाद रिकॉर्ड में हमेशा के लिए रखा जाएगा प्रपत्र सत्यापन पूरा होने के बाद प्रपत्र-10 की प्रिंट कॉपी निकाली जाएगी। इस पर कार्मिक और संस्था प्रधान के हस्ताक्षर होंगे और इसे मूल व्यक्तिगत पत्रावली में रखा जाएगा। इसमें सत्यापन करने वाले अधिकारी का नाम और तारीख भी दर्ज होगी। यह दस्तावेज रिकॉर्ड का स्थायी हिस्सा रहेगा। बाद में यदि किसी जानकारी में बदलाव होता है तो उसकी संशोधित प्रति भी रिकॉर्ड में जोड़नी होगी। रिकॉर्ड और पोर्टल की जानकारी एक जैसी करना है उद्देश्य शिक्षक संघ रेसटा के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने बताया – विभाग चाहता है कि शाला दर्पण पोर्टल पर दर्ज सभी जानकारियां सेवा पुस्तिका और व्यक्तिगत रिकॉर्ड से पूरी तरह मेल खाएं। इसी उद्देश्य से सभी कार्मिकों को पहले अपनी जानकारी जांचकर लॉक करने और फिर विभागीय स्तर पर उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं। लॉक होने के बाद सीधे नहीं बदल सकेंगे रिकॉर्ड एक बार प्रपत्र-10 लॉक और सत्यापित होने के बाद उसमें सीधे कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा। यदि भविष्य में किसी जानकारी में बदलाव की जरूरत पड़ती है तो संस्था प्रधान या कार्यालयाध्यक्ष को संबंधित ब्लॉक कार्यालय में दस्तावेजों के साथ आवेदन देकर पहले प्रपत्र-10 अनलॉक कराना होगा। इसके बाद ही नई जानकारी दर्ज कर दोबारा लॉक और सत्यापन किया जाएगा। इसलिए विभाग ने सभी कार्मिकों को जानकारी सावधानी से भरने और जांचने के निर्देश दिए हैं। प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत कर्मचारियों पर भी लागू होंगे नियम जो कर्मचारी नियम-144 (क) के तहत दूसरे विभागों में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं, उन्हें भी शाला दर्पण के स्टाफ लॉगिन से अपनी जानकारी भरनी होगी। उनके प्रपत्र-10 का सत्यापन उनके अंतिम विद्यालय या कार्यालय के संस्था प्रधान, कार्यालयाध्यक्ष या पीईईओ द्वारा किया जाएगा।