कोटा में रविवार को शाम 5 बजे करंट लगने से दो बच्चों की मौत हो गई। वहीं, दो बच्चे घायल हो गए। चारों बच्चे निर्माणाधीन मकान की तराई कर रहे थे। इस दौरान अचानक लोहे की रेलिंग में करंट दौड़ गया। रेलिंग में करंट दौड़ते ही आदिल (16) चपेट में आ गया। उसे बचाने के लिए समीर (10) आगे बढ़ा तो वो भी करंट की चपेट में आ गया। छत गीली होने के कारण दो अन्य बच्चे भी झुलस गए। घटना किशोरपुरा थाना क्षेत्र के साजी देड़ा इलाके की है। बच्चे तराई कर रहे थे मृतक आदिल के पिता शब्बीर ने बताया- उनका बेटा आदिल और भांजा समीर निर्माणाधीन मकान की छत पर पानी की तराई कर रहे थे। इसी दौरान लोहे की रेलिंग में अचानक करंट दौड़ गया, जिसकी चपेट में आने से दोनों बच्चों की मौत हो गई। हादसे के बाद बच्चों को तुरंत एमबीएस अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां ड्यूटी डॉक्टर ने आदिल और समीर को मृत घोषित कर दिया। हादसे में घायल भांजे रिजवान (12) का इलाज रामपुरा सेटेलाइट अस्पताल में जारी है। वहीं, एक को छुट्टी दे दी गई है। बिजली कंपनी पर लगाए आरोप उन्होंने आरोप लगाया कि मकान के पास से बिजली की लाइन गुजर रही है। निजी बिजली कंपनी KEDL की लापरवाही के कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ है। मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। पड़ोसी इमरान ने बताया- आदिल के पिता शब्बीर नगर निगम में ठेकेदार के पास मुंशी गिरी का काम करते हैं। आदिल आठवीं कक्षा में पढ़ता था। वहीं, समीर भी किशोरपुरा सरकारी स्कूल में दूसरी कक्षा में पढ़ता था। परिवार ने नहीं करवाया पोस्टमार्ट किशोरपुरा थाना अधिकारी भूरी सिंह ने बताया- पुलिस ने दोनों शवों को एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया था, लेकिन मृतकों के पिता शब्बीर और रमजान ने किसी भी प्रकार की पुलिस कार्रवाई और पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। परिजनों की लिखित सहमति के बाद पुलिस ने बिना पोस्टमार्टम के दोनों शव उनके सुपुर्द कर दिए।