लुधियाना जिले के दोराहा क्षेत्र में मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ लगाए गए होर्डिंग हटाने को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। थाना दोराहा की पुलिस ने गुरुद्वारा श्री रेरु साहिब, रामपुर के बाहर से इन होर्डिंगों को हटा दिया। इस पुलिस कार्रवाई के बाद शिरोमणि अकाली दल ने इसे राजनीतिक दबाव में की गई कार्रवाई बताते हुए विरोध जताया है। जानकारी के अनुसार, श्री अकाल तख्त साहिब के हालिया फैसले के बाद पंजाब के विभिन्न गुरुद्वारों और सार्वजनिक स्थानों पर मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ होर्डिंग लगाए जा रहे हैं। इन होर्डिंगों में श्री अकाल तख्त साहिब के निर्णय का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री के खिलाफ संदेश लिखे गए थे। रामपुर स्थित गुरुद्वारा साहिब के बाहर भी इसी तरह के होर्डिंग लगाए गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सूचना मिलने पर दोराहा पुलिस मौके पर पहुंची और बिना किसी हंगामे के होर्डिंगों को हटाकर अपने कब्जे में ले लिया। हालांकि, इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विपक्ष ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला करार दिया है। अकाली नेता ने प्रशासन की आलोचना की शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता गुरप्रीत सिंह लापरा ने पुलिस की इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब पुलिस एक निष्पक्ष एजेंसी के बजाय आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता की तरह काम कर रही है। लापरा ने कहा कि यदि होर्डिंग की सामग्री पर किसी को आपत्ति थी, तो कानूनी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए थी। सीधे उन्हें हटाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। लापरा ने यह भी आरोप लगाया कि पंजाब में सरकार की आलोचना करने वालों की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस से राजनीतिक दबाव में काम न करने और निष्पक्ष रहकर कानून के अनुसार कार्रवाई करने की अपील की। इस मामले में जब पायल के डीएसपी हरमनप्रीत सिंह चीमा से संपर्क किया गया, तो उन्होंने घटना की जानकारी होने से इनकार कर दिया। उन्होंने बताया कि फिलहाल उनके संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं आया है।
