भारतीय जनता पार्टी के राजस्थान प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल ने कहा है कि 1975 के आपातकाल को आज काला दिवस के रूप में मना रहे हैं। कांग्रेस ने आम जनता के अधिकार ही छीन लिए। अंग्रेज, मुगल बाहरी थे, लेकिन ये नहीं। अंग्रेज गौरे थे और ये (कांग्रेस) काले अंग्रेज थे। दरअसल, राधामोहन दास अग्रवाल गुरुवार को अजमेर पहुंचे। यहां आपातकाल के दौरान हुई संविधान की हत्या का दिवस मनाया गया। इस दौरान निकाय प्रमुखों के साथ बैठक की। बैठक के बाद केबिनेट विस्तार को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी मुख्यमंत्री से लें। हमारी जो चर्चा होती है, वह आपसी विषय है। इसकी तथ्यात्मक बात मुख्यमंत्री को पूछना चाहिए। प्रभारी हूं, जब निर्णय लेंगे तो बात करेंगे, अभी काल्पनिक प्रश्न पर क्या जवाब दें। जब तय करेंगे तो बताएंगे। पहला निर्णय उनका है, हम क्या क्या बात करते है, सब थोडे़ ही बताएंगे। उन्होंने कहा- चुनाव को लेकर सरकार क्या कर रही है, हम सरकार के भरोसे संगठन को नहीं छोड़ सकते। हम अपनी सेना तैयार कर रहे हैं। सेना तो लड़ाई के लिए जरूरी है। सरकार के कामकाज को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि कोई मां अपने बच्चे को खराब कहती है, सार्वजनिक रूप से, हमें बातों में मत फंसाइए। हम फंसने वाले नहीं, इस बात के लिए जाना जाता हूं कि कोई मुझे बातों में फंसा नहीं सकता। मैं अपनी सरकार की बातों को सार्वजनिक चर्चा में नहीं ला सकता। किरोड़ी के आरोपों की जानकारी नहीं मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के आरोप लगाए जाने के सवाल पर कहा कि मेरी जानकारी में ऐसा कोई मामला नहीं। जयपुर गया नहीं और सीधा यहां चला आया। जानकारी लूंगा, उसके बाद ही बता सकता हूं। कांग्रेस का डीएनए वहीं मत भूलिए 1975 से आज 50 साल पूरे हो गए तो कांग्रेस के ये लोग बदल गए। इनका डीएनए वही है। ये नहीं बदले। अब भी वे कहते है कि आरएसएस पर बैन लगाएंगे। आज भी मलिकार्जुन खड़गे का बयान आता है। कांग्रेसी काले अंग्रेज 1975 के आपातकाल को आज काला दिवस के रूप में मना रहे हैं। कांग्रेस ने आम जनता के अधिकार ही छीन लिए। अंग्रेज, मुगल बाहरी थे, लेकिन ये नहीं। अंग्रेज गौरे थे और ये (कांग्रेस) काले अंग्रेज थे। वर्तमान प्रधानमंत्री व पहले के प्रधानमंत्री में सबसे बड़ा फर्क ये है कि जनता से सीधे बात करते हैं। कोई भाजपा का नाम नहीं लेते। सरकार की उपलब्धियां नहीं बताते। लोकतंत्र को मजबूत करने का काम किया। निंदक निए राखिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कोई काम नहीं होने के आरोप पर राधामोहन दास अग्रवाल ने कहा कि मन में भले ही वे सोच रहे हो कि सरकार अच्छा काम कर रही है, लेकिन बोलना विरोध में ही है। हमें उससे कोई फर्क नहीं पड़ता। बोलने दो। उनका हक है। हम निंदक नियरे राखिए… वाली बात समझते हैं। हम कांग्रेसी नहीं है। कांग्रेस 5-5 करोड़ दें बच्चों को अग्रवाल ने कहा– नीट एग्जाम से पहले कोटा में जबरन बच्चों को राहुल गांधी के आने पर बुलाया। उनका यह टाइम एग्जाम की तैयारी करने का था। एग्जाम के दिन बेंगलुरु पहुंच गए और आपके प्रदेश अध्यक्ष का नामांकन इतना बड़ा था कि जाम कर दिया। 14 बच्चे एग्जाम से वंचित हो गए। इनका भविष्य कौन लौटाएगा। कांग्रेस को अलग अलग 5 करोड़ का मुआवजा देना चाहिए और जनता से माफी मांगनी चाहिए। निकाय प्रमुखों से की चर्चा इससे पहले अजमेर के जयपुर रोड स्थित एक रिसोर्ट में निकाय प्रमुखों के साथ बैठक हुई। इसे राधामोहन दास अग्रवाल व स्वायत्त शासन मंत्री झाबरसिंह खर्रा ने सम्बोधित किया। इसमें भाजपा संगठन की ओर से 116 जिसमें नगर निगम, नगर परिषद व नगर पालिका के निकाय प्रमुख को आमंत्रित किया गया। इस दौरान स्वायत्त शासन मंत्री झाबरसिंह खर्रा ने भी पत्रकारों से बात की और कहा कि सरकार चुनाव कराने को तैयार है। ओबीसी आयोग की रिपोर्ट का इंतजार है। अगर कांग्रेस जल्दी चुनाव चाहती है तोमांग पत्र दे दे कि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट नहीं चाहिए।