इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) ने सीए इंटरमीडिएट मई-2026 परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। जयपुर सेंटर से छह विद्यार्थियों ने ऑल इंडिया मेरिट सूची में स्थान बनाया है। दिव्यांश जैन ने 487 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया 8वीं रैंक हासिल की। जतिन ने 455 अंक के साथ 31वीं, आस्था गोयल ने 448 अंक के साथ 37वीं, स्वास्ति सोमानी ने 441 अंक के साथ 44वीं, पार्थ अमरनानी ने 438 अंक के साथ 47वीं और हार्दिक मामोडिया ने 436 अंक के साथ 49वीं रैंक हासिल की। सीए ब्रांच जयपुर के अनुसार ग्रुप-1 में जयपुर सेंटर से 883 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जिनमें से 120 सफल रहे। पास प्रतिशत 13.59 रहा। ऑल इंडिया बेसिस पर ग्रुप-1 में 91,237 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जिनमें से 9,350 सफल रहे। पास प्रतिशत 10.25 रहा। ग्रुप-2 में जयपुर सेंटर से 639 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जिनमें से 156 सफल रहे। पास प्रतिशत 24.41 रहा। ऑल इंडिया बेसिस पर 64,381 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, जिनमें से 10,372 सफल रहे। पास प्रतिशत 16.11 रहा। दोनों ग्रुप में जयपुर सेंटर से 673 विद्यार्थी शामिल हुए। इनमें 42 स्टूडेंट्स ने केवल ग्रुप-1, 31 स्टूडेंट्स ने केवल ग्रुप-2 और 75 विद्यार्थियों ने दोनों ग्रुप पास किए। ऑल इंडिया बेसिस पर दोनों ग्रुप में 33,304 विद्यार्थी शामिल हुए, जिनमें 2,820 स्टूडेंट्स ने दोनों ग्रुप पास किए। पास प्रतिशत 8.47 रहा। टाइफाइड और ब्लड इन्फेक्शन के बावजूद हासिल की AIR-37 कोटपुतली निवासी आस्था गोयल ने ऑल इंडिया 37वीं रैंक हासिल की है। आस्था जयपुर में रहकर सीए की तैयारी कर रही हैं। उनके पिता ग्रॉसरी स्टोर चलाते हैं और मां हाउसवाइफ हैं। आस्था ने बताया – एग्जाम से ठीक एक महीना पहले मेरी तबीयत खराब हो गई। डॉक्टर से दिखाया तो उन्होंने टाइफाइड और ब्लड इन्फेक्शन बताया। इस कारण पूरा महीना डिस्टर्ब रहा। पढ़ाई नहीं कर पाई। लेकिन इसी बीच में जो समय मिलता उसमें पढ़ाई करती थी। आस्था ने बताया – तबीयत खराब थी लेकिन जयपुर में कोई देखभाल के लिए नहीं था। ऐसे में पीजी में रहकर तैयारी कर रही थी। दीवाली के समय भी तबीयत खराब हुई थी। तब मैं तीन-चार दिनों तक हॉस्पिटल में एडमिट रही थी। आस्था ने बताया – 10वीं और 12वीं में भी मेरा रिजल्ट 90 प्लस रहा। क्लास में जो पढ़ाया गया उसे डेली रिपीट किया। तबीयत खराब के बावजूद 10 से 12 घंटे तक तैयारी की। एंड्रॉयड फोन तो चलाती हूं लेकिन इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म यूज नहीं करती। अब अच्छी कंपनी से आर्टिकलशिप करनी है। इसके बाद फाइनल की तैयारी करूंगी। हॉस्टल में रहकर की तैयारी, मिली AIR-8 बूंदी के करवर गांव निवासी दिव्यांश जैन ने ऑल इंडिया 8वीं रैंक हासिल की है। दिव्यांश जयपुर में रहकर सीए की तैयारी कर रहे हैं। उनके पिता मेडिकल शॉप चलाते हैं और मां हाउसवाइफ हैं।
दिव्यांश ने बताया – यहां हॉस्टल में रहता था। ऐसे में खाने-पीने में दिक्कत आती थी। घर का खाना मिस करता था। लेकिन पढ़ाई लगातार जारी रखी। दिव्यांश ने बताया – अकाउंट्स का मॉक टेस्ट चल रहा था। उस समय इन्फेक्शन हुआ। लेकिन पढ़ाई जारी रखी। इस दौरान कई बार पढ़ाई की इच्छा कम हो जाती थी। पढ़ाई के साथ सोशल मीडिया भी चलाता था। लेकिन पढ़ाई के समय से कोई समझौता नहीं किया। सोशल मीडिया डिएक्टिवेट कर पढ़ाई पर किया फोकस ऑल इंडिया 49वीं रैंक हासिल करने वाले हार्दिक मामोडिया जयपुर के रहने वाले हैं। उनके पिता बिजनेसमैन हैं और मां टीचर हैं। हार्दिक ने बताया – मैं लगातार क्लास के साथ सेल्फ स्टडी कर रहा था। मैं लगातार 10 से 12 घंटे पढ़ाई कर रहा था। अपने आप को रिफ्रेश रखने के लिए मूवी देख लिया करता था। जब भी फ्री टाइम होता था तब मूवी देख लेता था। हार्दिक ने बताया – एग्जाम से पहले सोशल मीडिया का इस्तेमाल करता था लेकिन जैसे एग्जाम नजदीक आ गए मेरी पढ़ाई डिस्टर्ब होने लग गई थी। जनवरी-फरवरी में मेरी पढ़ाई बहुत डाउन हो गई थी। फिर मैंने सोशल मीडिया को डिएक्टिवेट किया। आईसीएआई स्टडी मैटेरियल पर फोकस जरूरी सीए एग्जाम की तैयारी करवाने वाले टीचर और ICAI के मेंबर आर.सी. शर्मा ने बताया – इस बार का रिजल्ट ओवरऑल डाउन है। वर्तमान समय में आईसीएआई का जो एग्जाम पैटर्न है उसमें काफी कुछ चेंज हो चुका है। आजकल एग्जाम में आईसीएआई स्टडी मैटेरियल बेस्ड सवाल आ रहे हैं।” उन्होंने बताया -जो स्टूडेंट्स आईसीएआई स्टडी मैटेरियल को पढ़ते हैं उनके अच्छे मार्क्स आ रहे हैं। लेकिन अगर कोई मार्केट का स्टडी मैटेरियल यूज कर रहा है तो उसका रिजल्ट नहीं आ रहा है। इसलिए अभी जो स्टूडेंट्स सीए की तैयारी कर रहे हैं उन्हें केवल ICAI के स्टडी मैटेरियल पर फोकस करना चाहिए।