राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने शारीरिक शिक्षक भर्ती परीक्षा-2022 में फर्जी बीपीएड डिग्री के जरिए नौकरी दिलाने के मामले में एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए वांछित दलाल पंकज कुमार जैन को गिरफ्तार किया है। ADG एसओजी, विशाल बंसल ने बताया कि एसओजी ने कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित शारीरिक शिक्षक भर्ती परीक्षा-2022 में उत्तर प्रदेश के जे.एस. विश्वविद्यालय, शिकोहाबाद से फर्जी बीपीएड डिग्री जारी करने के मामले का खुलासा किया था। इस संबंध में 27 नवंबर 2024 को धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। 1.30 लाख रुपए में हुआ था फर्जी डिग्री का सौदा जांच में सामने आया कि दलाल पंकज जैन ने अपने सहयोगी पवन सिंह चौहान उर्फ पी.एस. चौहान के साथ मिलकर भर्ती अभ्यर्थी राजेश कुमार फागणा को फर्जी बीपीएड मार्कशीट उपलब्ध कराने का सौदा 1 लाख 30 हजार रुपए में किया था। आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों से मिलीभगत कर राजेश फागणा का बैक डेट में प्रवेश दर्शाया गया और उसे वर्ष 2017-19 सत्र की चारों सेमेस्टर की फर्जी मार्कशीट उपलब्ध करवाई गई। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हासिल की सरकारी नौकरी एसओजी की जांच के अनुसार, फर्जी मार्कशीटों के आधार पर राजेश फागणा ने अवैध रूप से शारीरिक शिक्षक के पद पर नियुक्ति प्राप्त कर ली थी। मामले की जांच में विश्वविद्यालय स्तर पर बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। विश्वविद्यालय के चांसलर और रजिस्ट्रार सहित तीन आरोपी पहले ही गिरफ्तार इस प्रकरण में पूर्व में जे.एस. विश्वविद्यालय, शिकोहाबाद के चांसलर, रजिस्ट्रार सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसी लगातार पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। जयपुर से दबोचा गया वांछित दलाल एसओजी ने वांछित आरोपी पंकज कुमार जैन (42) निवासी मूलतः नैनवां, बूंदी तथा वर्तमान निवासी संजय नगर, धाबास रोड, जयपुर को 23 जून 2026 को गिरफ्तार किया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पूरे गिरोह की भूमिका की जांच जारी एसओजी अधिकारियों के अनुसार आरोपी से पूछताछ जारी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि फर्जी डिग्री और मार्कशीट तैयार कर सरकारी नौकरियां दिलाने के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा कितने अभ्यर्थियों को इसका लाभ पहुंचाया गया।
