ब्यावर में वकीलों के एक शिष्टमंडल ने बुधवार को अतिरिक्त जिला कलेक्टर ब्रह्मलाल जाट को ज्ञापन सौंपा। इसमें बिचड़ली तालाब के डूब क्षेत्र और कैचमेंट एरिया में कथित अतिक्रमण, अवैध मिट्टी भराव और प्लॉटों की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की गई। यह ज्ञापन मुख्यमंत्री और संभागीय आयुक्त के नाम सौंपा गया। शिष्टमंडल का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के विधि, आरटीआई एवं मानवाधिकार विभाग के प्रदेश सचिव तथा पार्षद एडवोकेट घनश्याम फुलवारी ने किया। ज्ञापन में भू-माफियाओं और संबंधित अधिकारियों की कथित मिलीभगत की जांच की मांग भी उठाई गई।
ज्ञापन में बताया गया कि बिचड़ली तालाब के डूब क्षेत्र में भू-माफियाओं द्वारा अवैध रूप से मिट्टी भरकर कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं। इससे तालाब के अस्तित्व और जलागम क्षेत्र को गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है। अधिकारियों पर मिलीभगत के भी आरोप
एडवोकेट फुलवारी ने आरोप लगाया कि तालाब के भराव क्षेत्र और कैचमेंट एरिया में प्लॉट काटकर बेचे जा रहे हैं। उनका दावा है कि संबंधित विभागों के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से इन अवैध गतिविधियों को संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने न्यायालय के बफर जोन संबंधी आदेशों की अनदेखी का भी जिक्र किया, जो नदी, नालों, झीलों और तालाबों के निकट निर्माण पर प्रतिबंध लगाते हैं। शिष्टमंडल में जिला सचिव एडवोकेट सुनील सिंगाड़िया, एडवोकेट सुलक्षणा शर्मा, एडवोकेट राजेश बंसल एवं एडवोकेट शाबिर खान सहित अन्य अधिवक्ता उपस्थित रहे।
