नमस्कार भैंस का दूध निकालने में दक्ष मंत्रीजी को पूर्वमंत्रीजी का ‘बकरी के दूध’ वाला बयान संस्कृति को तार-तार करने वाला लगा। केंद्रीय मंत्रीजी से एयरलाइंस का सवाल पूछा तो विधायक ने पत्रकार को थप्पड़ दिखा दिया। RLP पर तंज कसने वाले भाजपा प्रवक्ता को सांसदजी ने ‘बच्चा’ कह दिया और क्या हुआ जब कॉकरोच पधारे म्हारे देस.. राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में… 1. बकरी का दूध और भैंस का दूध DGP रह चुके पूर्व मंत्री हरीश मीणा ने करौली के पांचना बांध से पानी मिलने के हक को इन शब्दों में बयान किया- हम तो पाणी लेकर रहेंगे। बकरी चाहे राजी-राजी दूध दे या फिर मींगणी करके। दूध तो काढ़ेंगे। रूपक अलंकार का प्रयोग करते हुए उन्होंने सरकार को ‘बकरी’ घोषित किया। पांचना बांध के पानी को ‘बकरी का दूध’ बताया। राजनीति विज्ञान ने हिंदी साहित्य का खूबसूरत और व्यंजनात्मक इस्तेमाल किया था। लेकिन गृहराज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम साहब को यह बात ‘संस्कृति को तार-तार’ करने वाली लगी। जबकि खुद गृह राज्य मंत्री भैंस का दूध काढ़ने में दक्ष। हो सकता है कि उन्हें ऐतराज ‘बकरी को प्रताड़ित करके दूध निकालने’ वाली बात से हो। बात खरी भी है। गाय-बकरी-भैंस किसी का दूध काढ़ो, लेकिन तरीके से। इधर पांचना बांध में पानी और दूध पर मंथन जारी है। राजनीति को तलाश है मक्खन की। 2. तुझे किधर जाना है? जोधपुर में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह जी 12 साल बेमिसाल पर प्रेसवार्ता कर रहे थे। पास में विधायक देवेंद्र जोशी बैठे थे। इस बीच पत्रकार ने सवाल का एरोप्लेन उड़ाया। बोला- जोधपुर में डोमेस्टिक एयरलाइंस कब शुरू होगी? मंत्रीजी जवाब देने लगे- बस एक बार डोमेस्टिक एयरपोर्ट चालू हो जाए…फिर… वे आगे कुछ कहते इससे पहले ही विधायकजी बीच में कूदे। पत्रकार से पूछा- तुझे किधर जाना है? पत्रकारों समेत मौजूद माननीय हंस पड़े। फिर विधायकजी ने सवाल पूछने वाले पत्रकार को थप्पड़ दिखाया। हालांकि पूरा माजरा मजाक के माहौल में घटा। वैसे पता नहीं क्यों पत्रकार को ‘हवा में उड़ने’ की इतनी जल्दी है? जबकि प्रधान मुखियाजी ने 12 साल में देश की सड़कें चमाचम कर दी हैं। केंद्रीय मंत्रीजी तो खुद कार चलाकर दिल्ली से देहरादून पहुंच गए थे। 3. ढोल और थैला उनका नाम रामलाल शर्मा है। वे चौमूं से पूर्व विधायक और भाजपा प्रवक्ता हैं। बीते दिनों नागौर सांसद VS भाजपा प्रदेशाध्यक्ष घमासान चली। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष आहत हुए कि अकेले वे ही बयान देकर आत्मरक्षा करते रहे। किसी ने आगे बढ़कर बयान देकर उनका साथ नहीं दिया। इस मामले से संज्ञान लेकर अब पार्टी-संगठन के नेता बयान देने को आतुर हैं। मामला नागौर सांसद से जुड़ा हो तो म्यान में से तुरंत बयान की तलवार निकलती है। तो प्रवक्ताजी ने नागौर सांसद को लेकर बयान दिया। जिसका लब्बोलुआब कुछ इस प्रकार था- जो नेता अपने समर्थकों को कहे कि जेल जाओगे तो नेता बनोगे। इससे बड़ा पाप क्या होगा? नेताजी, अपने समर्थकों से कह दो शांति से रहें। लड़ाई-झगड़ा न करें, स्पीड में गाड़ी न दौड़ाएं। गुंडागर्दी न करें। इस सरकार में तो गुंडागर्दी बर्दाश्त होगी नहीं। बाकी जिस पार्टी की जीरो सीट है, वो कहे कि अगली सरकार मेरी तो इससे बड़ा मजाक क्या होगा? ये तो मुंगेरीलाल के सपने हैं। भाजपा प्रवक्ताजी ने कड़ी बातें कड़े शब्दों में डंके की चोट पर कह दी। इस पर सांसद का रिएक्शन ‘कच्ची कौड़ी’ वाला रहा। सांसदजी बोले- अरे रामलाल तो अपना बच्चा है। जब में यूनिवर्सिटी की राजनीति करता था तब ये सब बच्चे मेरा थैला उठाते थे और भाईसाब-भाईसाब करते थे। 4. चलते-चलते.. कॉकरोच के सरदार गुलाबी नगरी में आने वाले थे। आगमन को लेकर शहर भर के कॉकरोच उत्साहित थे। स्वागत के लिए मेले जैसा माहौल हो गया। तरह-तरह के जीव मेले में शामिल थे। कुछ गिरगिट भी टाइम पास करने एक दीवार पर बैठे नजारा देख रहे थे। एक गिरगिट ने दूसरे से कहा- यार मैं भी अपनी पार्टी बनाऊंगा। नाम रखूंगा- राष्ट्रीय गिरगिट पार्टी। दूसरे ने सवाल किया- झंडे का रंग क्या होगा? पहला बोला- मेरा झंडा डिजिटल होगा जो पल-पल अपना रंग बदलेगा। दूसरा इस बात पर जोर से हंसा, बोला- तेरे वादों पर यकीन कौन करेगा? पहला बोला- यकीन करने वालों की कमी नहीं। हम लोग इतना भी रंग नहीं बदलते जितना… बात पीक पर पहुंचने ही वाली थी कि मेले में भगदड़ मच गई। गिरगिट ने एक कॉकरोच को पकड़कर पूछा- क्या हुआ? वह भागता सा बोला- हमारे सरदार जैसे ही पधारे म्हारे देस, ‘केसरिया’ बालम ने अटैक कर दिया। इसके बाद कॉकरोच पकड़े गए केसरिया बालमों पर पिल पड़े। सरदार कुछ देर बाद सामने आए। बोले- एक मारो या दस, हम झुकेंगे नहीं। इनपुट सहयोग- धर्मेंद्र शर्मा (करौली), मदन मोहन (गंगापुर, सवाई माधोपुर), अरविंद सिंह (जोधपुर), शिवम ठाकुर (जयपुर)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।