सीकर न्यायिक मजिस्ट्रेट हिमांशु कुमावत ने सीकर कलेक्टर की गाड़ी को कुर्क करने का आदेश दिया है। दरअसल सीकर कलेक्टर ने कोर्ट के आदेश के बावजूद भी 10 हजार रुपए की जुर्माना राशि कोर्ट में जमा नहीं करवाई थी। इस पर अब कोर्ट ने गाड़ी कुर्क करने के आदेश दिए हैं। अभियोजन अधिकारी कमला कुमारी के अनुसार सरकार बनाम गणेश आदि केस में यह आदेश दिया गया है। 8 अप्रैल 2015 को पूजा पुत्री किशनलाल ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि वह जगमालपुरा रोड पर अपनी मां चौथी देवी के साथ खेत पर काम कर रही थी। इसी दौरान कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की। आईपीसी की धारा 323, 341 और 34 के तहत मामला दर्ज हुआ। इस केस में 14 में से 6 गवाह के बयान हुए। शेष गवाहों की उपस्थिति के लिए अप्रैल 2024 से अगस्त 2025 तक 11 बार समान जारी किया गया। लेकिन कोतवाली थानाधिकारी ने हर बार कानून व्यवस्था और अन्य ड्यूटी में व्यस्तता का हवाला देकर तामील नहीं करवाया और आगामी तारीख लेते रहे। इस पर कोर्ट ने 6 सितंबर को राज्य सरकार पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाते हुए आदेश दिया था कि सीकर कलेक्टर द्वारा यह राशि कोर्ट में जमा करवाई जाएगी। साथ ही कोतवाली थानाधिकारी सुनील कुमार जांगिड़ पर 30 दिन में कार्रवाई कर रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए। इस पर अब न्यायिक मजिस्ट्रेट हिमांशु कुमावत ने आदेश दिया है कि जुर्माना राशि जमा नहीं करवाई गई। और न ही थानाधिकारी के विरुद्ध किसी तरह की कार्रवाई के तथ्य कोर्ट में प्रस्तुत किए गए। जबकि सीकर जिला कलेक्टर द्वारा 17 सितंबर और 3 अक्टूबर को कोर्ट में अवसर चाहे गए। यह वस्तुस्थिति कोर्ट के आदेशों के प्रति संबंधित जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के उदासीनता और लापरवाही पूर्ण आचरण को स्पष्ट करती है। ऐसे में जिला कलेक्टर के विरुद्ध पृथक से कार्यवाही खोली जाए और उक्त कार्यवाही में संबंधित जिला कलेक्टर का राजकीय वाहन कुर्क किए जाने के संबंध में न्यायालय के सेल आमिन के नाम कुर्की वारंट जारी किया जाए।
