चित्तौड़गढ़ जिले में अब सड़क पर दौड़ रही ऐसी गाड़ियों पर पुलिस की खास नजर रहेगी, जिनमें नियमों के खिलाफ बदलाव किए गए हैं या जिन्हें देखकर लोगों पर रौब जमाने की कोशिश की जाती है। जिला पुलिस ने सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। यह अभियान पूरे जून महीने तक चलेगा। इस दौरान पुलिस जिलेभर में ऐसे गाड़ियों की जांच करेगी जिनमें अवैध मॉडिफिकेशन कराया गया है या जो मोटरयान अधिनियम के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कई गाड़ी चालक अपनी गाड़ियों में ऐसे बदलाव करवा लेते हैं जो कानून के खिलाफ होते हैं और कई बार सड़क पर दुर्घटनाओं या अन्य लोगों के लिए परेशानी का कारण भी बनते हैं। ऐसे वाहनों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लाल-नीली बत्ती से लेकर काली फिल्म तक रहेगी नजर जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि पुलिस मुख्यालय राजस्थान के निर्देश पर 1 जून से 30 जून तक यह विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान उन गाड़ियों पर सबसे ज्यादा फोकस रहेगा जिनमें लाल या नीली बत्ती, फ्लेशर, स्ट्रोब लाइट, हूटर या अन्य प्रतिबंधित उपकरण लगाए गए हैं। इसके अलावा प्रेशर हॉर्न और एयर हॉर्न का उपयोग करने वाली गाड़ी भी कार्रवाई के दायरे में आएंगे। अक्सर ऐसे हॉर्न तेज आवाज के कारण लोगों को परेशान करते हैं और सड़क पर खतरा भी बढ़ाते हैं। पुलिस गाड़ी के शीशों पर लगी काली फिल्म की भी जांच करेगी। इसके साथ ही गाड़ी पर लिखे गए अनाधिकृत पदनाम, विशेष पहचान, चिन्ह या ऐसे शब्द जो नियमों के अनुसार मान्य नहीं हैं, उन पर भी कार्रवाई होगी। पुलिस का कहना है कि सड़क पर चलने वाले हर गाड़ी के लिए एक समान नियम हैं और किसी को भी विशेष पहचान दिखाने के लिए नियम तोड़ने की अनुमति नहीं है। नम्बर प्लेट और वाहन की बनावट में बदलाव भी बनेगा परेशानी का कारण अभियान के दौरान नियमों के विपरीत नम्बर प्लेट लगाने वाले गाड़ी चालकों पर भी सख्ती की जाएगी। पुलिस विशेष रूप से उन गाड़ियों की जांच करेगी जिनकी नम्बर प्लेट निर्धारित मानकों के अनुसार नहीं है या जिनमें एचएसआरपी नम्बर प्लेट के नियमों का पालन नहीं किया गया है। इसके अलावा गाड़ी की बॉडी, चेसिस या मूल संरचना में किए गए बदलाव भी जांच के दायरे में रहेंगे। पुलिस का कहना है कि गाड़ी निर्माता कंपनी की डिजाइन और स्वीकृत संरचना में बिना अनुमति बदलाव करना नियमों का उल्लंघन है। अगर जांच के दौरान किसी गाड़ी में ऐसा पाया जाता है तो गाड़ी चालक और गाड़ी मालिक दोनों के खिलाफ चालान सहित अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे अपने गाड़ियों को निर्धारित मानकों के अनुसार रखें और यातायात नियमों का पालन करें। पुलिस का मानना है कि नियमों की पालना से न केवल सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी बल्कि यातायात व्यवस्था भी ज्यादा सुरक्षित और व्यवस्थित बन सकेगी।
