मुक्तसर जिले के गांव झोरड़ में एक व्यक्ति से कथित तौर पर मोबाइल फोन छीनने के आरोप में भीड़ ने दो दलित युवकों को बेरहमी से पीट दिया। लोगों ने दोनों युवकों के कपड़े फाड़कर पहले अर्धनग्न किया। फिर रस्सी से बांधकर खेतों में घसीटा। इसके बाद एक पेड़ से बांधकर लाठियां मारीं। इस मामले में अब पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए मुक्तसर के SSP से रिपोर्ट तलब की है। 9 जून 2026 तक मामले की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। आयोग का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में अगली कार्रवाई की जाएगी। वहीं, मलोट के DSP जसपाल सिंह ने बताया है कि दोनों में से एक युवक 23 साल का और दूसरा 28 साल है। दोनों नशे के आदी हैं। इनमें से एक पर नशे से जुड़ा केस भी दर्ज है। ये दोनों शनिवार को झोरड़ गांव में एक मोबाइल फोन छीनकर भागे थे। इसके बाद इनकी मारपीट की गई। वीडियो में क्या-क्या दिख रहा… युवकों को घसीटने के 2 PHOTOS… परिवार बोला- गलती हुई थी तो हरजाना भरने को तैयार थे घटना के बाद पीड़ित युवकों के परिवार ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। एक युवक की मां ने कहा कि परिवार के सदस्यों ने बार-बार लोगों से बच्चों को छोड़ने की अपील की थी। उनका कहना है कि यदि कोई गलती हुई थी तो वे उसका हरजाना भरने के लिए भी तैयार थे, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी। परिवार का आरोप है कि युवकों को सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया और उनके साथ मारपीट की गई। उन्हें अपनी गलती सुधारने का एक मौका तक नहीं दिया गया। एससी आयोग चेयरमैन ने रिपोर्ट मांगी पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी ने मामले का कड़ा संज्ञान लिया है। आयोग ने मुक्तसर के SSP को निर्देश जारी कर 9 जून को होने वाली सुनवाई से पहले पूरी जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा है। साथ ही कानून को हाथ में लेकर इस तरह सरेआम अमानवीय अत्याचार करने के कारण मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने वीडियो में दिख रहे हमलावर ग्रामीणों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

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