हनुमानगढ़। जिले के रावतसर क्षेत्र में बेटियों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे किसी भी मायने में बेटों से कम नहीं हैं। मामला तब चर्चा में आया जब बेटियों ने पिता को मुखाग्नि दी और मुंडन भी करवाया। रावतसर तहसील में कार्यरत पटवारी सतपाल बिस्सू का निधन हो गया था। सतपाल बिस्सू का कोई बेटा नहीं है। जब पिता को मुखाग्नि देने की बारी आयी तो उनकी बेटियां आगे आयी। पिता के निधन के बाद उनकी बेटियों ने साहस, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया। बेटियों ने पिता के अंतिम समय से लेकर उनके अंतिम संस्कार तक हर जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा के साथ निभाया और परिवार के साथ मजबूती से खड़ी रहीं।
