फलोदी में एक व्यक्ति को लोन दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगी का शिकार बनाया गया। उसके बैंक खाते का उपयोग कर 7.50 लाख रुपए की धोखाधड़ी की गई। उत्तर प्रदेश में दर्ज एक साइबर फ्रॉड मामले की जांच के बाद इस धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। अब न्यायालय के आदेश पर फलोदी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फलोदी थाने में दर्ज हुआ मामला मलार रोड निवासी भागीरथ पुत्र हुकमाराम मेघवाल ने कोर्ट इस्तगासे के माध्यम से फलोदी पुलिस थाने में जाम्बा की ढाणी, तहसील बाप निवासी सचिन पुत्र लूणाराम बिश्नोई सहित अन्य लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। लोन दिलाने का दिलाया भरोसा परिवादी भागीरथ के अनुसार, करीब दो माह पहले आरोपी सचिन बिश्नोई ने उसे लोन दिलाने का भरोसा दिलाया था। इसी दौरान आरोपी ने भागीरथ से कहा कि उसके परिवार के सदस्यों की कुछ रकम अस्थायी रूप से उसके बैंक खाते में जमा करवाई जाएगी। भरोसे में आकर भागीरथ ने आरोपी की बात मान ली। खाते में 7 लाख 50 हजार जमा कराए आरोप है कि इसके बाद भागीरथ के खाते में अलग-अलग किश्तों में कुल 7 लाख 50 हजार रुपए जमा करवाए गए। पहले 1 लाख 50 हजार रुपए और बाद में तीन अलग-अलग किश्तों में 2-2 लाख रुपए खाते में आए। भागीरथ ने इन रुपयों को आरोपी के पारिवारिक सदस्यों की रकम समझकर बैंक से निकालकर आरोपी को सौंप दिया। इस धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब उत्तर प्रदेश में दर्ज एक साइबर ठगी प्रकरण की जांच के दौरान इन लेन-देन का पता चला। जांच में सामने आया कि जिस रकम को सामान्य पारिवारिक लेन-देन बताया गया था, वह वास्तव में साइबर फ्रॉड से जुड़ी हुई थी। इसके बाद भागीरथ को अपनी गलती का एहसास हुआ कि वह एक बड़े धोखाधड़ी नेटवर्क का मोहरा बन गया है। खुद को ठगा महसूस करते हुए भागीरथ ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर फलोदी पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। सीआई भंवरा राम ने बताया कि पुलिस अब बैंक खातों में हुए लेन-देन, रकम के स्रोत और आरोपियों की भूमिका सहित पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।