जालोर के एक पुलिस थाने में सुरक्षा की गुहार लगाने पहुंचे एक परिवार को पुलिसकर्मियों ने बेरहमी से पीटा। बेटे-बेटी के सामने पिता को लात-घूंसे मारे गए। फोन छिनकर धक्के मारकर गिरा दिया गया। पीड़ित युवती की पीठ पर भी बेल्ट से वार किए, जिससे युवती के पीठ पर गहरे घाव हो गए। घटना जिले के एक थाना इलाके में 31 मई को हुई। पीड़िता और उसका परिवार 2 जून (मंगलवार) को जालोर एसपी ऑफिस पहुंचा, जहां न्याय की मांग की। एसपी शैलेंद्र सिंह इंदौरिया का कहना है- आरोपियों को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर पाबंद कर दिया गया है। जबकि पीड़िता और उसके परिवार से थाने में मारपीट के मामले की जांच की जा रही है, दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। गांव में अवैध ब्लास्टिंग की शिकायत करने पहुंचे थे
पीड़िता ने बताया- गांव में एक पत्थर की खदान हैं। वहां अवैध तरीके से ब्लास्टिंग का काम किया जा रहा है। जब खदान के संचालकों को वहां ऐसा करने से मना करते है तो वहां काम करने वाले लोग शराब के नशे में मारपीट करते हैं और धमकाते हैं। गांव से जब लड़कियां कॉलेज आती- जाती है तो उनसे भी छेड़छाड़ करते हैं। कई बार हमला भी कर चुके हैं। इसी शिकायत को लेकर 31 मई को मैं अपने माता-पिता और भाई के साथ शाम करीब 7 बजे थाने पहुंची थीं। लेकिन जैसे ही थाने में घुसे तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने बदसलूकी शुरू कर दी। मेरे भाई का फोन छिन लिया। पिता के साथ लात-घूंसों से मारपीट शुरू कर दी। जब मैंने इस घटना का वीडियो बनाने का प्रयास किया, तो 4 पुलिसकर्मियों ने मुझे पकड़ लिया। इसके बाद बेरहमी से मारपीट की। मेरे साथ छेड़छाड़ की गई। बेल्ट से पीठ पर वार किए। इसके बाद जबरन मोबाइल का लॉक खुलवाकर मारपीट के वीडियो भी डिलीट करवा दिए। परिवार को धमकी देकर थाने से भगा दिया गया। हमसे कहा गया कि यदि दोबारा दबंगों(खान मालिक) के खिलाफ शिकायत दी गई तो इससे भी बुरा हाल करेंगे। पीड़िता का कहना है कि पुलिसकर्मियों ने बेरहमी से बेल्ट से पीठ पर वार किए, जिससे गहरे घाव हो गए। पीड़िता ने अपनी पीठ पर पड़े बेल्ट के निशान भी दिखाए। साथ ही पुलिसकर्मियों और खदान मालिक व उसके कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। मामले में एसपी शैलेंद्र सिंह इंदौरिया ने जांच के निर्देश दिए हैं।