राजस्थान में एक तरफ सरकार पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील कर रही है। सीएम से मंत्री तक सब ईवी गाड़ी का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ राजस्थान में परिवहन निरीक्षक संघ के नए अध्यक्ष बने रॉबिन सिंह (चूरू ट्रांसपोर्ट इंस्पेक्टर) ने जीत की खुशी में झुंझुनूं में अपने गांव में गाड़ियों का काफिला निकाल दिया। साथ ही चुनाव जीतने की खुशी में काफिले में डिपार्टमेंट की गाड़ियों को ही एस्कॉर्ट में लगा डाला। काफिले के आगे परिवहन विभाग की फ्लाइंग गाड़ी एस्कॉर्ट करती रही। रॉबिन सिंह चलती कार के सनरूफ से बाहर निकलकर लोगों का अभिवादन करते नजर आए। उनके काफिले में शामिल सात से आठ गाड़ियां पहुंचीं थीं। चुनाव 30 मई को जीते, फिर निकला स्वागत जुलूस दरअसल, राजस्थान परिवहन निरीक्षक संघ के चुनाव 30 मई को जयपुर में हुए थे। अध्यक्ष पद पर रॉबिन सिंह ने गजेन्द्र यादव को 25 वोटों से हराकर जीत हासिल की थी। रॉबिन सिंह को 146 और गजेन्द्र यादव को 121 वोट मिले थे। चुनाव जीतने के बाद उनके गांव में 31 मई को स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में शामिल होने वे जुलूस के साथ पहुंचे। इस पूरी घटना का अब वीडियो सामने आया है। जो विवाद का कारण बन गया है। यह वीडियो झुंझुनूं जिले की चिड़ावा तहसील के डुलानिया गांव का है। संघ अध्यक्ष बनने के बाद रॉबिन सिंह अपने पैतृक गांव पहुंचे थे, जहां स्वागत के लिए बड़ा जुलूस निकाला गया। इसलिए उठ रहे सवाल 1. इस वीडियो में रॉबिन सिंह अपने गांव में सनरूफ से बाहर निकलकर अभिवादन करते नजर आ रहे हैं। बता दें कि सड़क सुरक्षा नियमों के तहत चलती गाड़ी में इस तरह सनरूफ से बाहर निकलना खतरनाक माना जाता है। परिवहन विभाग और सड़क सुरक्षा एजेंसियां समय-समय पर लोगों को ऐसे स्टंट नहीं करने की सलाह देती रही हैं। दुर्घटना की स्थिति में इस तरह की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। 2. वीडियो में परिवहन विभाग की फ्लाइंग गाड़ी काफिले के आगे चलती दिखाई दे रही है। फ्लाइंग टीम का इस्तेमाल आमतौर पर ओवरलोडिंग, टैक्स चोरी और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई के लिए किया जाता है। ऐसे में एक अधिकारी के स्वागत काफिले में सरकारी गाड़ी की मौजूदगी पर सवाल उठ रहे हैं। 3. सात से आठ गाड़ियों के साथ निकले इस काफिले को लेकर लोगों ने सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पर कई लोगों का कहना है कि जब आम लोगों को ईंधन बचाने की सलाह दी जाती है तो अधिकारियों को भी उसका पालन करना चाहिए। अधिकारी बोले- ये पद का दुरुपयोग विभाग के ही एक सीनियर अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया- किसी भी आरटीओ अधिकारी को सरकारी एस्कॉर्ट उपलब्ध कराने का कोई प्रावधान नहीं है। अगर किसी अधिकारी ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर ऐसा कराया है तो यह पद के दुरुपयोग की श्रेणी में आ सकता है। विभाग इस पर कार्रवाई कर सकता है। रॉबिन सिंह बोले- मैं दो ही गाड़ी लाया था इस पूरे मामले को लेकर रॉबिन सिंह ने बताया- ऐसा कुछ नहीं था। गांववालों ने ये गाड़ियां खड़ी की थीं, गांव के बस अड्डे से अपने घर तक। काफिला नहीं था। वहां मार्केट है, पीछे तीन गाड़ियां पहले से खड़ी थीं। मैं दो ही गाड़ी लेकर आया था। गाड़ी आरटीओ की नहीं है। एक गाड़ी आरटीओ की फ्लाइंग की लगी है। एक गाड़ी वन विभाग के साथी इंस्पेक्टर की थी। वो सम्मान में आए हुए थे। गांववालों ने स्वागत समारोह में बुला लिया तो मैं बस अड्डे से सनरूफ से निकलकर बाहर चला गया तो क्या अपराध कर दिया। मेरा घर मेन मार्केट से 100 मीटर भी नहीं था। वहां जनता की भीड़ खड़ी थी। मुझे साफा पहनाया, माला पहनाई। बस यही स्वागत समारोह था।
