झालावाड़ पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अकलेरा क्षेत्र के एक पिता-पुत्र की 1 करोड़ 2 लाख 59 हजार रुपए से अधिक की चल-अचल संपत्ति स्थायी रूप से फ्रीज कर दी है। ‘ऑपरेशन दिव्य प्रहार 2.0’ के तहत की गई इस कार्रवाई में दो मकान, एक कार और एक दुपहिया वाहन शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि यह संपत्ति स्मैक तस्करी से अर्जित अवैध धन से बनाई गई थी। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत पहले से 5 मामले दर्ज हैं। तस्करी के पैसों से बनाई करोड़ों की संपत्ति पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि अकलेरा थाना क्षेत्र के महुआखोह निवासी सुगनचंद तंवर और उसका बेटा भगवान सिंह तंवर लंबे समय से मादक पदार्थ तस्करी में लिप्त थे। पुलिस ने पीडब्ल्यूडी और जिला प्रशासन के सहयोग से जांच की, जिसमें सामने आया कि आरोपियों ने तस्करी से अर्जित रकम से करोड़ों की संपत्ति बनाई थी। एनडीपीएस एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई एसपी के अनुसार एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपियों की चल एवं अचल संपत्तियों को स्थायी रूप से फ्रीज किया गया है। पुलिस ने कुल 1 करोड़ 2 लाख 59 हजार 184 रुपए की संपत्ति के खिलाफ कार्रवाई की है।
दो मकान, कार और बाइक भी जब्त फ्रीज की गई संपत्तियों में करीब 94 लाख 30 हजार 284 रुपए कीमत के दो मकान शामिल हैं। इसके अलावा एक दुपहिया वाहन, जिसकी कीमत 53 हजार 900 रुपए बताई गई है, और करीब 7 लाख 75 हजार रुपए कीमत की एक चार पहिया गाड़ी को भी जब्त कर फ्रीज किया गया है। 5 मामलों में 268 ग्राम स्मैक जब्त दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कुल 5 प्रकरण दर्ज हैं। इन मामलों में पुलिस ने अब तक 268 ग्राम स्मैक बरामद की थी, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 53 लाख 60 हजार रुपए आंकी गई थी। ‘तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ना मकसद’ पुलिस अधिकारियों के अनुसार ‘ऑपरेशन दिव्य प्रहार 2.0’ का मुख्य उद्देश्य जिले में सक्रिय मादक पदार्थ तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ना है। एसपी अमित कुमार ने स्पष्ट कहा कि भविष्य में भी नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ इसी तरह कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। कार्रवाई से तस्करों में हड़कंप पुलिस की इस कार्रवाई के बाद जिले में सक्रिय अन्य मादक पदार्थ तस्करों में हड़कंप मच गया है। आमजन ने भी पुलिस की सख्त कार्रवाई की सराहना की है। इस कार्रवाई में सीआई धर्माराम चौधरी, एएसआई दिनेश राठौर सहित अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
