केंद्र सरकार की नई कैशलेस पॉलिसी के खिलाफ टोल प्लाजा वर्कर यूनियन पंजाब ने मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को पटियाला-संगरूर रोड स्थित कालाझार टोल प्लाजा पर यूनियन के सदस्यों ने केंद्र सरकार और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और रोष प्रदर्शन करते हुए पुतला फूंका। यूनियन ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि यह पॉलिसी तुरंत वापस नहीं ली गई तो 15 अप्रैल से पूरे पंजाब के टोल प्लाजा अनिश्चितकाल के लिए फ्री कर दिए जाएंगे। अपनी ही करेंसी लेने से इनकार कर रही सरकार यूनियन के नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार टोल प्लाजा पर कैश लेने की प्रक्रिया को पूरी तरह बंद कर सिर्फ UPI और नेट बैंकिंग के जरिए भुगतान अनिवार्य करना चाहती है। नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार अपने ही देश की करेंसी को स्वीकार करने से इनकार कर रही है जो बेहद निंदनीय है। आम जनता के लिए खड़ी होगी मुसीबत प्रदर्शनकारियों का कहना है कि देश का एक बड़ा हिस्सा अभी भी ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम से पूरी तरह नहीं जुड़ा है। गारामीण इलाकों और बुजुर्ग यात्रियों के लिए केवल डिजिटल भुगतान करना संभव नहीं है। कैशलेस पॉलिसी लागू होने से टोल पर यात्रियों और कर्मचारियों के बीच विवाद बढ़ेंगे और आम जनता को भारी मानसिक व आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ेगी। 15 अप्रैल का अल्टीमेटम यूनियन नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह विरोध प्रदर्शन केवल शुरुआत है। उन्होंने NHAI और केंद्र सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया और इस फैसले को रद्द नहीं किया गया, तो 15 अप्रैल से पंजाब भर के सभी टोल बैरियर हटा दिए जाएंगे और वाहनों को बिना टैक्स दिए मुफ्त निकाला जाएगा। इस मौके पर बड़ी संख्या में वर्कर मौजूद रहे और उन्होंने आने वाले दिनों में संघर्ष को और तेज करने का ऐलान किया।