गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के परिवार का कोई ना कोई सदस्य 2027 में विधानसभा चुनाव लड़ेगा। भगवानपुरिया की मौसी बीबी राजविंदर कौर ने गुरुवार को डेरा बाबा नानक में इसके संकेत दिए हैं। दरअसल, भगवानपुरिया की मौसी बीबी राजविंदर कौर डेरा बाबा नानक से ब्लॉक समिति चुनाव जीती थी। गुरुवार को उन्होंने डेरा बाबा नानक ब्लॉक समिति चेयरपर्सन के तौर पर अपना पद औपचारिक रूप से संभाल लिया। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र के निवासियों और समिति सदस्यों का धन्यवाद करते हुए जनहित में बड़े ऐलान किए। उन्होंने क्षेत्र के लोगों को विश्वास दिलाया कि वह हमेशा उनकी सेवा के लिए तत्पर रहेंगी। अकाल पुरख चाहेगा तो लड़ेंगे चुनाव
पद संभालने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए बीबी राजविंदर कौर ने बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य जरूरतमंदों की सेवा करना है। पत्रकारों के सवालों के जवाब देते उन्होंने कहा कि अगर अकाल पुरख चाहेगा तो कोई न कोई चुनाव लड़ेगा। जिस परमात्मा ने इस कुर्सी तक पहुंचाया वो आगे भी पहुंचाएगा। अगर सभी लोग सहयोग इसी तरह करते रहे। 3 वोट से जीता था ब्लाक समिति डेरा बाबा नानक चेयरपर्सन का चुनाव
राजविंदर कौर पत्नी हरजिंदर सिंह निवासी भगवानपुर जोन (9) दरगाबाद ब्लॉक समिति से ब्लाक समिति की सदस्य थीं। आजाद उम्मीदवार राजविंदर कौर को 11 वोट और आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार रेशम पड्डा को विधायक गुरदीप सिंह रंधावा के वोट समेत 8 वोट मिले और 3 वोट ज्यादा होने के कारण राजविंदर कौर ब्लाक समिति डेरा बाबा नानक की चेयरपर्सन बनीं थीं। 200 जरूरतमंद लड़कियों की करवाएंगे शादी
चेयरपर्सन राजविंदर कौर ने कहा कि आने वाले दिनों में उनके परिवार की ओर से 200 जरूरतमंद लड़कियों की शादी करवाई जाएगी। उन्हें घरेलू उपयोग का सामान भी दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी वे 118 लड़कियों की शादी करवा चुके हैं। उन्होंने ये भी कहा कि डेरा बाबा नानक हलके में जिस भी जरूरतमंद लड़की की शादी होगी, उसके परिवार को उनके परिवार की ओर से 21,000 रुपये की शगुन राशि दी जाएगी। सरपंचों और सदस्यों के सहयोग से रणनीति करेंगीं तैयार
उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए सरपंचों और सदस्यों के सहयोग से रणनीति तैयार की जाएगी। लोगों की समस्याएं हल करने के लिए कार्यालय में बैठने का समय भी जल्द तय किया जाएगा।
राजनीतिक पारी खेलेगा परिवार
जब उनसे 2027 के विधानसभा चुनावों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इसे “परमात्मा के हाथ” बताकर पूरी तरह से नकारा नहीं। बल्कि यह कहकर कि “परिवार का कोई सदस्य चुनाव मैदान में उतर सकता है”, उन्होंने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि वे आने वाले समय में बड़ी राजनीतिक पारी खेलने की तैयारी में हैं। वहीं, सरपंचों और पंचों के साथ रणनीति बनाने की बात कहना यह दर्शाता है कि वे ब्लॉक स्तर के जमीनी ढांचे (कैडर) को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही हैं।