मानसा के कचहरी रोड पर बनी आरसीसी सड़क के लिए गए नमूने जांच में फेल हो गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतरी। लगभग 32 लाख रुपए की लागत से बनी यह सड़क निर्माण के महज दो महीने बाद ही जगह-जगह से टूटने लगी थी। यह नमूने दो दिन पहले डिप्टी कमिश्नर मानसा नवजोत कौर के आदेशों पर गठित पांच सदस्यीय कमेटी की निगरानी में लिए गए थे। मंडीकरण बोर्ड के एससी विपिन खन्ना और उनकी टीम ने कचहरी रोड से नमूने एकत्र किए थे, जिन्हें पटियाला की एक प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया था। इसके बाद स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए, डिप्टी कमिश्नर मानसा ने खुद सड़क का दौरा किया और जांच के आदेश जारी किए थे। सड़क की गुणवत्ता निर्धारित मानक 30N/mm2 की बजाय केवल 10.19N/mm2 पाई गई है। इस खुलासे के बाद शहर निवासियों ने ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अन्य सड़कों की गुणवत्ता की भी जांच हो
शहर निवासियों ने ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग दोहराई है। उन्होंने सड़क निर्माण कार्य में हुई गड़बड़ियों की जांच की भी मांग की है। निवासियों का कहना है कि इस सड़क को नए सिरे से बनाया जाए और मानसा शहर में बन रही अन्य सड़कों की गुणवत्ता की भी जांच की जाए। ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
इस संबंध में मानसा के विधायक डॉ. विजय सिंगला ने सोशल मीडिया पेज पर एक वीडियो जारी कर कहा कि सड़क को पैच वर्क करने की बजाय नए सिरे से बनाया गया था। उन्होंने आश्वासन दिया कि अगर जांच में गुणवत्ता में कमी पाई जाती है, तो ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों पर निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी। अभी मेरे पास पास रिपोर्ट नहीं आई : डिप्टी कमिश्नर
वहीं, डिप्टी कमिश्नर नवजोत कौर का कहना है कि अभी उनके पास रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।