उदयपुर के गोगुंदा इलाके में शनिवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक महिला अपने लापता पति को ढूंढने की मांग को लेकर निर्माणाधीन पानी की टंकी पर चढ़ गई। करीब 6 घंटे बाद दोपहर करीब 1:30 बजे महिला को समझाइश कर नीचे उतारा जा सका। कुंडाऊ गांव की रहने वाली कमला बाई का आरोप है कि उसका पति तुलसीराम गमेती पिछले 43 दिनों से गायब है, लेकिन पुलिस उसे ढूंढने में नाकाम रही है। अब इस केस में पुलिस की अलग से स्पेशल टीम (SIT) बनाई जाएगी, जो इसकी जांच करेगी। कमला (27) सुबह करीब 7.30 बजे गांव में बनी पानी की टंकी पर चढ़ी और वहां से चिल्लाने लगी कि कोई मेरे पति कोई नहीं ढूंढ पा रहा। उसने साफ कह दिया कि जब तक पुलिस उसके पति के बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं देती, वह नीचे नहीं उतरेगी। महिला ने सुसाइड की धमकी भी दी, जिससे मौके पर मौजूद लोगों के साथ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी एक बार तो टेंशन में आ गए। दोपहर बाद जब महिला को इस केस अलग से SIT बनाने का आश्वासन मिला तो परिवार और अधिकारियों के कहने पर नीचे उतरने पर सहमत हुई। करीब 5 घंटों तक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी नीचे खड़े होकर महिला और नीचे खड़े लोगों से समझाइश करते रहे। मौके पर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और आदिवासी समाज के लोग जमा थे। घटना की जानकारी मिलते ही करीब आधे घंटे में एएसपी अंजना सुखवाल, गिर्वा डीएसपी राजेश यादव, मावली डीएसपी प्रशिक्षु आईपीएस असीमा वाधवानी, गोगुंदा एसडीएम शुभम भैसारे, तहसीलदार प्रणीण कुमार सैनी और गोगुंदा थानाधिकारी श्याम सिंह चारण पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने समाज के पंचो के साथ ही ग्रामीणों से बात की और केस में अब तक हुई की जानकारी को समझाने की कोशिश की। इस वार्ता के दौरान उदयपुर से SDRF की टीम भी मौजूद थी। जानकारी के अनुसार तुलसीराम (29) 15 फरवरी से लापता है। परिजनों का कहना है कि उस दिन शाम को वेणी सिंह राजपूत उसे सीमेंट खाली करवाने के बहाने अपने साथ घर से ले गया था। उसके बाद से तुलसीराम वापस नहीं लौटा। परिवार ने गोगुंदा थाने में नामजद रिपोर्ट भी दर्ज करवाई थी, लेकिन 40 दिन से ज्यादा बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। कमला ने बताया कि तुलसीराम अपने परिवार में अकेला कमाने वाला था। उसके तीन छोटे बच्चे हैं, जिनके सामने अब रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। पत्नी का कहना है कि पुलिस शुरुआत में मामले को गंभीरता से नहीं ले रही थी। जब समाज के लोगों ने कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन दिया और अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया, तब जाकर पुलिस की नींद खुली। दबाव बढ़ने पर पुलिस ने तुलसीराम की तलाश के लिए पोस्टर छपवाए और सुराग देने वाले को 1 लाख रुपए का इनाम देने की घोषणा भी की। हालांकि, अभी तक उसका कोई पता नहीं चला है। इसी बात से आहत होकर आज उसने यह कदम उठाया। फिलहाल पुलिस और प्रशासन के अधिकारी कमला को सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिश में है। वहीं ग्रामीण पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भारी आक्रोश जता रहे हैं। इनपुट – गोपाल लोढ़ा, गोगुंदा। — ये खबर भी पढ़ें पानी-सड़क की समस्या से परेशान 2 युवक टंकी पर चढ़े-VIDEO:आमेर इलाके की घटना, वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया तो पहुंची पुलिस आमेर इलाके में मूलभूत सुविधाओं के अभाव से परेशान होकर वार्ड पंच प्रतिनिधि राजेश कुमार मीणा सहित दो लोग आज बुधवार को पानी की टंकी पर चढ़ गए। एक युवक ने मौके से वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो मिलने के बाद आमेर थाना पुलिस और ग्रामीण मौके पर पहुंचे (पूरी खबर पढ़ें)