लुधियाना के भट्टियां इलाके के पास स्थित गगनदीप कॉलोनी में शुक्रवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक खाली प्लॉट में भारी संख्या में भेड़ें मृत अवस्था में पाई गईं। एक साथ करीब 70 बेजुबानों की मौत ने पूरे इलाके को दहला दिया है। हैरानी की बात यह है कि रेवड़ की बाकी भेड़ें पूरी तरह सुरक्षित हैं, जबकि मरने वाली भेड़ों के पेट असामान्य रूप से फूले हुए मिले हैं। घटना के बाद से पशुपालक परिवार सदमे में है और गांव में दहशत का माहौल है। क्या है पूरा मामला? जानकारी के अनुसार पटियाला के रहने वाले हरमेश सिंह अपनी भेड़ों को चराने के लिए लुधियाना के इस इलाके में आए हुए थे। उनके पास कुल 200 भेड़ें थीं। हरमेश ने बताया कि वह बीती रात इन भेड़ों को चराकर गगनदीप कॉलोनी के एक खाली प्लॉट में लेकर आए थे जहाँ उन्होंने रात बिताने के लिए डेरा डाला था। रात तक सब कुछ सामान्य था लेकिन जैसे ही सुबह करीब 3 बजे आंख खुली वहां का मंजर देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। सुबह उठते ही दिखा मौत का तांडव हरमेश ने बताया कि सुबह जब वह उठा तो उसने देखा कि प्लॉट में जगह-जगह भेड़ें तड़पकर दम तोड़ चुकी थीं। 200 भेड़ों के झुंड में से 70 भेड़ें मर चुकी थीं चश्मदीदों के मुताबिक मृत भेड़ों के पेट बुरी तरह फूले हुए थे, जिससे यह अंदेशा जताया जा रहा है कि या तो उन्हें कोई जहरीली चीज खिलाई गई है या फिर वे किसी अचानक फैली जानलेवा बीमारी की चपेट में आ गई हैं। 7 लाख का नुकसान, 10 दिन पहले ही उतारी थी ऊन पीड़ित हरमेश सिंह के अनुसार इस घटना में उन्हें करीब 7 लाख रुपये का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि अभी 10 दिन पहले ही इन भेड़ों की ऊन उतारी गई थी। वह लुधियाना से वापस घर की ओर लौटने की तैयारी में थे लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। फिलहाल इस मामले की सूचना अभी तक औपचारिक रूप से पुलिस को नहीं दी गई है। पीड़ित परिवार ने अपने मृत पशुओं को हाड़ा रोड़ी को सौंप दिया और वहाँ से वापस जाने की तैयारी कर रहा है,