SIP यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान निवेश का वह तरीका है, जिसमें आप हर महीने एक तय रकम किसी निवेश साधन में लगाते हैं। लॉन्ग टर्म में यही छोटी-छोटी रकम कंपाउंडिंग की ताकत से बड़ा फंड तैयार कर सकती है। फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का मानना है कि मार्केट में तेजी हो या भारी गिरावट, SIP जारी रखनी चाहिए। इसकी वजह यह है कि बाजार का उतार-चढ़ाव लंबे समय में औसत हो जाता है और नियमित निवेश से लागत भी संतुलित रहती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि SIP को कभी रोका ही नहीं जाना चाहिए। कुछ ऐसी परिस्थितियां भी होती हैं, जहां SIP रोकना या बंद करना एक व्यावहारिक और समझदारी भरा फैसला हो सकता है।
