राजस्थान के डीग जिले में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने मंगलवार को बृजनगर नगरपालिका में राम रथ यात्रा एवं मेला-2026 का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने 100 फीट ऊंचे पोल पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा भी फहराया, जिससे वातावरण देशभक्ति से सराबोर हो गया। यह आयोजन फीता काटकर और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत शुरू हुआ। यह मेला 24 से 28 मार्च तक चलेगा, जिसमें विविध सांस्कृतिक और जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
मुख्य अतिथि के रूप में विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा कि ऐसे आयोजन अंचल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक आस्था से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने जोर दिया कि मेले केवल मनोरंजन के साधन नहीं, बल्कि हमारी सनातन परंपराओं, उच्च जीवन मूल्यों और संस्कारों के जीवंत प्रतीक हैं।
बेढ़म ने स्पष्ट किया कि मेले समाज के विभिन्न वर्गों को एक सूत्र में पिरोने, सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने तथा आपसी प्रेम व अखंड भाईचारे को सुदृढ़ करने का सशक्त माध्यम हैं। धार्मिक उल्लास के साथ राष्ट्रप्रेम की भावना को सर्वोपरि रखते हुए, उन्होंने बृजनगर में 100 फीट ऊंचे विशाल पोल पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया। आसमान में शान से लहराते तिरंगे को नमन करते हुए श्री बेढ़म ने कहा कि यह गगनचुंबी ध्वज प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवा पीढ़ी के हृदय में देशभक्ति, मातृभूमि के प्रति असीम सम्मान और राष्ट्र गौरव की भावना को और अधिक प्रबल करेगा।
नगरपालिका बृजनगर के इस सराहनीय प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए गृह राज्य मंत्री ने बताया कि यह भव्य मेला दिनांक 24 मार्च 2026 से प्रारंभ होकर 28 मार्च 2026 तक अनवरत रूप से चलेगा। राज्य सरकार की लोक-कल्याणकारी नीतियों के अनुरूप, इन पांच दिनों में केवल धार्मिक और विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का ही आयोजन नहीं होगा, बल्कि आमजन को लाभान्वित करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी गतिविधियां भी संचालित की जाएंगी।
इन आयोजनों के माध्यम से समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भी विकास और उल्लास की मुख्यधारा से जोड़ने का एक सुनियोजित और रचनात्मक प्रयास किया जाएगा। समारोह के अंत में गृह राज्य मंत्री ने क्षेत्रवासियों से आह्वान किया कि वे पूर्ण उत्साह, अनुशासन और शांतिपूर्ण तरीके से अधिकाधिक संख्या में इस मेले में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें और अपनी सांस्कृतिक धरोहर का यह महापर्व सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाएं।
