अलवर में करणी माता मंदिर के आसपास जंगल में बाघिन एसटी 2302 अपने दो शावकों के साथ करणी सागर के आसपास देखी गई। पिछले कई दिनों से बाघिन का मंदिर के आसपास ही विचरण है। जिसे देखते हुए वन प्रशासन ने करणी सागर के पास दो वनकर्मियों की ड्यूटी लगाई है। ताकि कोई भक्त जंगल या सागर की तरफ नहीं आएं। वरना खतरा हो सकता है। वैसे मंदिर आने-जाने में कोई डर नहीं है। नवरात्र में करणी माता मेले में रोजाना कई हजार श्रद्धालु सुबह 6 बजे से आना शुरू हो जाते हैं। जबकि बाघिन एसटी-2302 अपने शावकों के साथ शनिवार को करणी माता मंदिर के आसपास तक पहुंची है। असल में बगल में ही करणी सागर है। जहां पानी पीने के लिए वन्यजीव पहुंचते हैं। मेले के दौरान भक्तों की आवाजाही होने के कारण सरिस्का टाइगर रिजर्व प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। बाघिन एसटी-2302 का नाम भी करणी है। जो मंदिर से 100 मीटर दूर बने ऐतिहासिक करणी सागर के आसपास दिखाई दे चुकी है।। अलवर बफर रेंजर शंकर सिंह शेखावत ने बताया कि मेले में जाने वाले श्रृद्धालुओं को सावधानी बरतने की जरुरत है। बाघिन का मंदिर के आसपास मूवमेंट है। वनकर्मी लगातार उसपर नजर बनाए हुए हैं। दो वनकर्मियों को करणी सागर पर तैनात कर रखा है। फिर भी लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। इसलिए भक्तों को सीधे मंदिर पहुंचना चाहिए। कहीं जंगल में प्रवेश नहीं करें। उससे खतरा हो सकता है। वैसे आसानी से आने-जाने का रास्ता है।