सवाई माधोपुर के रणथंभौर टाइगर रिजर्व में लेपर्ड ने अपने वजन से दोगुने भारी चीतल का शिकार किया। लेपर्ड करीब 1 मिनट तक चीतल की गर्दन पकड़कर बैठा रहा। यह नजारा रणथंभौर के जोन नंबर 6 में देखने को मिला। यहां लेपर्ड को चीतल का शिकार करते देख पर्यटक रोमांचित हो उठे। साथ ही लेपर्ड की गुर्राहट सुन सहम भी गए। चीतल पर झपटा लेपर्ड
रणथंभौर टाइगर रिजर्व के जोन नंबर 6 में 20 मार्च को शाम की पारी में पर्यटक सफारी पर गए थे। सोलेश्वर तिराहे पर पहुंचे तो एक लेपर्ड नजर आया। लेपर्ड ने पर्यटकों के सामने चीतल का शिकार किया। दरअसल, सोलेश्वर तिराहे पर चीतल बैठी हुई थी। इस दौरान शिकार के लिए लेपर्ड झाड़ियों में घात लगाकर बैठा था। अचानक झाड़ियों से निकलकर आया और चीतल को गर्दन से पकड़ लिया। लेपर्ड ने चीतल की गर्दन पर दांत गड़ा दिए और गुर्राता रहा। हाईवे के पास किया भैंस का शिकार
इससे पहले 16 मार्च को नेशनल हाईवे-552 पर लेपर्ड ने भैंस का शिकार किया। लेपर्ड रात करीब 9 बजे रणथंभौर टाइगर रिजर्व के जंगलों से निकलकर कुशालीपुरा गांव की ओर आ गया। यह इलाका टाइगर रिजर्व की पेरीफेरी में आता है। लेपर्ड ने गांव के पास एक भैंस का शिकार किया और सड़क किनारे बैठकर उसे खाने लगा। इस दौरान वहां से गुजर रहे लोगों ने गाड़ी रोकी और इसका वीडियो बना लिया। गाड़ी की लाइट पड़ने के बाद लेपर्ड शिकार को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। टाइगर से दोगुनी संख्या में लेपर्ड
रणथंभौर टाइगर रिजर्व में लेपर्ड की संख्या टाइगरों की संख्या से दोगुना से भी ज्यादा है। रणथंभौर में लेपर्ड की संख्या 170 के आसपास है। ये खबर भी पढ़ें… रणथम्भौर में 2 बाघिन भिड़ीं, VIDEO:मां रिद्धि और बेटी माही ने एक-दूसरे पर किया हमला, डेढ़ मिनट चली लड़ाई रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में 17 मार्च को दो बाघिन (मां-बेटी) आपस में भिड़ गईं। बाघिन रिद्धि और उसकी बेटी माही के बीच करीब डेढ़ मिनट तक टेरिटोरियल फाइट चली। (पढ़ें पूरी खबर) रणथम्भौर में 45 मिनट लड़ते रहे मगरमच्छ, VIDEO:तालाब के पानी में पलटी मारी, मिनटों तक बिना हिले पड़े रहे; पर्यटकों की सांसें अटकी दो मगरमच्छों को आपस में लड़ते देख सफारी पर आए टूरिस्ट की सांसें थम गई। करीब 45 मिनट तक दोनों एक दूसरे को दांतों से काटते तो कभी जबड़े में पकड़ कर पलटी मारते। (पढ़ें पूरी खबर)
