झुंझुनूं सहित पूरे जिले में ईद-उल-फितर का त्योहार अकीदत और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह की पहली किरण के साथ ही फिजाओं में ‘ईद मुबारक’ की गूंज सुनाई देने लगी। नए कपड़ों में सजे-धजे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर चेहरा खुशी से दमक रहा था। शहर की मुख्य ईदगाह मस्जिद में सुबह सवा 8 बजे सामूहिक नमाज अदा की गई। हजारों की तादाद में पहुंचे अकीदतमंदों ने एक साथ खुदा की बारगाह में सिर झुकाया। शहर काजी शफीउल्लाह ने नमाज की रस्म पूरी कराई। नमाज के बाद जब काजी साहब ने मुल्क में अमन, तरक्की और आपसी भाईचारे के लिए दुआ मांगी, तो हर हाथ आमीन कहते हुए ऊपर उठ गया। गले लगकर मिटाई दूरियां, खिलाई सेवइयां नमाज मुकम्मल होते ही ईदगाह का मैदान खुशियों के रंग में रंग गया। लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। यह नजारा सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश कर रहा था। घरों में सुबह से ही पकवानों का दौर शुरू हो गया। विशेष रूप से बनाई गई सेवइयां और खीर की खुशबू ने मोहल्लों को महका दिया। हिंदू-मुस्लिम भाइयों ने एक-दूसरे के घर जाकर मिठाइयां बांटीं और खुशियां साझा कीं। इस मुबारक मौके पर कौमी एकता की झलक तब देखने को मिली जब जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी ईदगाह पहुंचे।सांसद बृजेन्द्र सिंह ओला और अमित ओला ने सभी को गले मिलकर बधाई दी। पूर्व मंत्री राजेन्द्र गुढ़ा ने क्षेत्र में शांति और प्रेम का संदेश दिया। मदरसा बोर्ड के चेयरमैन एमडी चोपदार, पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश सुंडा ने भी आवाम के बीच पहुंचकर खुशियां बांटीं। बाजारों में रौनक और चाक-चौबंद सुरक्षा त्योहार के मद्देनजर बाजारों में भारी चहल-पहल रही। जगह-जगह स्वयंसेवी संस्थाओं और युवाओं द्वारा राहगीरों को ठंडा शरबत पिलाया गया। प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। जिला प्रशासन और पुलिस बल के जवान शहर के हर मुख्य चौराहे और मस्जिद के बाहर मुस्तैद दिखे। पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था के कारण ही पूरा उत्सव बिना किसी बाधा के शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।