डीग पुलिस ने मेवात के दुर्गम जंगलों और पहाड़ियों से संचालित होने वाले साइबर ठगों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की है। एसपी कंबले शरण गोपीनाथ के नेतृत्व में ‘ऑपरेशन एंटीवायरस’ चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत पुलिस ने तकनीक और दबिश देकर साइबर ठगों के नेटवर्क को निष्क्रिय किया है। पुलिस के अनुसार इन गांवों में साइबर ठगी एक ‘कुटीर उद्योग’ का रूप ले चुकी है। ठग सोशल मीडिया पर युवतियों के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को दोस्ती के जाल में फंसाते हैं। इसके बाद न्यूड वीडियो कॉल के जरिए ‘सेक्सटॉर्शन’ किया जाता है। बदनामी के डर से लोग अपनी जमा-पूंजी इन ठगों को दे देते हैं। इसके अतिरिक्त ऑनलाइन साइड पर सस्ते विज्ञापनों और फर्जी QR कोड के माध्यम से भी लोगों को निशाना बनाया जाता है। ठगों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पुलिस टीमें आधी रात को मेवात की पहाड़ियों और जंगलों में सर्च ऑपरेशन चला रही है। हालिया कार्रवाई में पुलिस ने 7 शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है और 4 किशोरों को निरुद्ध किया है। इन किशोरों की संलिप्तता ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी है, जो दर्शाता है कि यह अपराध अब युवा पीढ़ी में भी फैल रहा है। पुलिस ने मौके से 12 स्मार्टफोन और 16 सिम कार्ड बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपए के संदिग्ध लेनदेन के सुराग मिले हैं। तकनीकी निगरानी के माध्यम से पुलिस अब उन फर्जी सिम कार्डों के पैटर्न को ट्रैक कर रही है, जिनका उपयोग ठग पुलिस से बचने के लिए करते थे।