अमृतसर की गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी में आज युद्ध नशों के विरुद्ध अभियान के तहत एक विशेष सेमिनार आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में दिल्ली के पूर्व डिप्टी CM मनीष सिसोदिया शामिल हुए। इस कार्यक्रम में पंजाब सरकार के कई मंत्री, विधायक और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। सेमिनार के दौरान नशे के खिलाफ चल रही मुहिम को और तेज करने पर जोर दिया गया। मनीष सिसोदिया ने अपने संबोधन में कहा कि पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए सरकार, प्रशासन और जनता को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने माजहा जोन के कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि हर गांव तक पहुंच बनाई जाए और जमीनी स्तर पर इस लड़ाई को मजबूत किया जाए। इस मौके पर कुलदीप सिंह धालीवाल और शैरी कलसी ने मीडिया से बातचीत करते हुए सख्त संदेश दिया कि नशा बेचने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि चाहे कोई पुलिस अधिकारी हो, पार्टी कार्यकर्ता हो या आम नागरिक—अगर कोई नशा तस्करी में शामिल पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गांव-गांव अभियान और जन भागीदारी पर फोकस नेताओं ने बताया कि 24 से 31 तारीख तक गांव-गांव में मीटिंग्स आयोजित की जाएंगी, जहां लोगों से सीधा संवाद कर नशा तस्करों की पहचान की जाएगी। साथ ही नशे के शिकार लोगों को इलाज के लिए अस्पतालों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की जाएगी। गुप्त हेल्पलाइन से नशा तस्करों पर नकेल सरकार ने एक गुप्त हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है, जिस पर लोग नशा तस्करों की जानकारी दे सकते हैं और उनकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य साफ है—पंजाब को नशा मुक्त बनाना और समाज को सुरक्षित भविष्य देना
