बांसवाड़ा के कुशलगढ़ में डंपिंग यार्ड की जमीन नापने पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। घटना में एसडीएम और तहसीलदार की गाड़ियों के फोड़ दिए गए। घटना में 4 पुलिसकर्मी और 4 नगर पालिका कर्मचारी भी घायल हो गए। घटना कुशलगढ़ से करीब 6 किलोमीटर दूर स्थित हिंडोलिया चारण गांव में सुबह 11 बजे हुई। नगर पालिका आयुक्त की रिपोर्ट पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। दरअसल, पुलिस और प्रशासन की टीम डंपिंग यार्ड के लिए आवंटित भूमि का सीमांकन करने पहुंची थी, लेकिन वहां से मौजूद ग्रामीणों ने पहाड़ों से पथराव शुरू कर दिया, जिसमें पुलिस और प्रशासनिक कर्मचारियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। ग्रामीण नहीं चाहते है कि उनके इलाके में डंपिंग यार्ड बनाया जाए। सीमांकन करने पहुंची थी टीम
जानकारी के अनुसार- कुशलगढ़ से करीब 6-7 किलोमीटर दूर हिंडोलिया चारण गांव में नगर पालिका को डंपिंग यार्ड के लिए 2 एकड़ जमीन आवंटित की गई थी। इस जमीन पर पहले फसल बोई हुई थी, जिसके कटने के बाद खेत खाली होने पर मंगलवार सुबह करीब 11 बजे प्रशासन की टीम सीमांकन (पैमाइश) करने पहुंची थी। टीम में एसडीएम, तहसीलदार, पुलिस और नगर पालिका का जाब्ता शामिल था। पथराव में एएसआई समेत 8 कर्मचारी घायल हुए
जैसे ही टीम मौके पर पहुंची, वहां मौजूद हिंडोलिया चारण, कांकणवाणी और कलिंजरा क्षेत्र के करीब 200 से 250 लोगों ने विरोध करते हुए पथराव शुरू कर दिया। हमले में एसडीएम राकेश न्योल और तहसीलदार की सरकारी गाड़ियों के शीशे टूट गए। इस दौरान एक एएसआई, एक एसआई सहित 4 पुलिसकर्मी और नगर पालिका के 4 कर्मचारी घायल हुए हैं। आवंटित जमीन की पैमाइश के लिए थी टीम
कुशलगढ़ एसडीएम राकेश न्योल ने बताया कि नगर पालिका को आवंटित जमीन की पैमाइश के लिए टीम वहां गई थी, तभी ग्रामीणों ने हमला कर दिया। घटना के बाद क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। नगर पालिका प्रशासन की ओर से दी गई रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने राजकार्य में बाधा और पथराव करने वाले उपद्रवियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी धरपकड़ के लिए दबिश देना शुरू कर दिया है। अभी स्थिति सामान्य हैं।
