अलवर में इंद्रेश उपाध्याय ने कहा- चार बार भोजन करो, लेकिन कथा जरूर सुनो। उन्होंने कहा- सात दिन आपको ना प्रिय होने वाली कोई भी घटना हो जाए, लेकिन क्रोध नहीं करना है। कथा सुनने वाले लोग 7 दिन क्रोध न करें, बस क्षमा करें। उन्होंने कहा- कथा मौन रहते हुए सुननी है। अलवर में श्रीमद्भागवत कथा का वाचन करते हुए इंद्रेश उपाध्याय ने यह कहा। ब्रज रस उत्सव के तहत आयोजित सात दिवसीय कथा में प्रतिदिन शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। कथा में देशभर से संत-महात्मा और कथा वाचक शामिल हो रहे हैं, वहीं विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु भी पहुंचे हैं। शहर के विजय नगर ग्राउंड में भक्ति और आस्था का माहौल देखने को मिला। कथा की शुरुआत इंद्रेश उपाध्याय ने राधा-कृष्ण का भजन गाकर की। इससे पूरे पंडाल में भक्ति का माहौल बन गया। उपाध्याय की मधुर आवाज को सुनकर सब श्रद्धालु झूमते नजर आए। दोपहर में कलाकारोंं ने भजनों की दी प्रस्तुतियां
कार्यक्रम स्थल पर दोपहर 2 बजे से भक्ति संगीत की शुरुआत हो जाती है। इस दौरान कई भजन गायकों द्वारा अपनी प्रस्तुतियां दी गईं। इन पर श्रद्धालु झूमते और भक्ति में लीन नजर आए। पंडाल में महिलाओं और पुरुषों की अच्छी भागीदारी देखने को मिल रही है। हालांकि आयोजकों की उम्मीद के मुकाबले भीड़ कुछ कम रही। मंच पर बाबा श्याम का दरबार सजाया गया है, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। कथा के दौरान समुद्र मंथन और वामन अवतार जैसे प्रसंगों का वाचन किया जा रहा है। 19 मार्च को भजनों की विशेष प्रस्तुति देंगे कन्हैया मित्तल
कन्हैया मित्तल द्वारा 19 मार्च को भजनों की विशेष प्रस्तुति दी जाएगी। वहीं 20 मार्च को भजन गायक मोहन यदुवंशी श्याम वंदना प्रस्तुत करेंगे। साथ ही शाम की कथा में भगवान श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग सुनाया जाएगा और विशेष झांकी सजाई जाएगी। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए वीआईपी एंट्री की भी व्यवस्था की गई है। इनके लिए अलग से पंडाल और रास्ते बनाए गए हैं। सुरक्षा के लिहाज से पंडाल और आसपास के क्षेत्र में पुलिस बल तैनात किया गया है, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
