जालोर के बहुचर्चित गणपत सिंह हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार अवैध संबंधों में ब्लैकमेलिंग के कारण हत्या की गई थी। भूख हड़ताल पर बैठी व्यापारी की 80 वर्षीय मां ने आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कहा कि- उन्हें न्याय मिल चुका है। उन्होंने आरोपियों को फांसी की मांग की है। विधायक रविंद्र भाटी भी दो दिन पहले व्यापारी की मां से मिले थे। उन्होंने चेतावनी दी थी कि जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे जालोर के इतिहास का सबसे बड़ा चक्काजाम करेंगे। दरअसल, 27 अगस्त 2024 मांडोली गांव के रहने वाले किराना व्यापारी गणपत सिंह की कीचड़ में डेडबॉडी मिली थी। इसके बाद से परिवार लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहा था। पुलिस का दावा- ब्लैकमेल कर रहा था व्यापारी जालोर SP शैलेंद्र सिंह इंदोलिया ने मंगलवार सुबह हत्याकांड को लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया – गणपत सिंह (42) के पड़ोसी गजेंद्र सिंह के पिता सुरेंद्र सिंह और लच्छुदेवी के बीच अवैध संबंध थे। इसे लेकर गणपत सिंह ब्लैकमेल कर रहा था। गजेंद्र सिंह ने लच्छुदेवी और वागाराम के साथ मिलकर उसकी हत्या की योजना बनाई थी। लच्छुदेवी ने गणपत सिंह को सुनसान जगह पर बुलाया और उसकी हत्या कर दी। वागाराम गजेंद्र सिंह के यहां काम करता था, इसलिए उसे भी इस हत्याकांड में शामिल कर लिया गया। मंगलवार को पुलिस ने गजेंद्र सिंह, लच्छुदेवी और वागाराम को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस और परिवार को गजेंद्र सिंह पर शक था करीब 18 महीने पुराने इस हत्याकांड में गणपत सिंह के परिवार को हमेशा से गजेंद्र सिंह पर शक रहा है। परिवार के साथ पुलिस भी गजेंद्र सिंह से पहले पूछताछ कर चुकी थी। गजेंद्र सिंह और दो अन्य संदिग्ध का नार्को टेस्ट कराने का भी प्रयास किया गया था। हालांकि, गजेंद्र ने परिवार के लिए 3 करोड़ की एफडी करवाने की बात कहकर टेस्ट से इनकार कर दिया था। यह मामला कोर्ट में चल रहा है। कीचड़ में शव मिला था, सिर पर चोट व्यापारी के बड़े भाई अभय सिंह ने 27 अगस्त 2024 को गणपत सिंह दुकान से निकलने के बाद लापता हो गया था। रामसीन थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अगले दिन मिली गणपत की डेडबॉडी पर चोट के निशान थे और पास में ही बाइक गिरी हुई थी। जांच में पुलिस ने हत्या की आशंका जताई थी। भूख हड़ताल पर रही बुजुर्ग मां 17 नवंबर 2025 को को पहली बार परिवार 9 दिन धरने पर बैठा था। गणपत की मां इस धरने में भी बैठी थीं। इसके बाद 27 फरवरी 2026 से बुजुर्ग हवा कंवर फिर से परिवार के साथ भूख हड़ताल पर बैठ गई थीं। दोनों धरने में गणपत सिंह की पत्नी, बच्चे, भाई और भाभी भी बैठे थे। विधायक भाटी से मुलाकात के बाद परिवार के अन्य सदस्यों ने क्रमिक अनशन शुरू किया था, लेकिन बुजुर्ग हवा कंवर लगातार भूख हड़ताल पर हैं। …. गणपत सिंह हत्याकांड से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… गणपत सिंह हत्याकांड-विधायक भाटी के सामने रोने लगा परिवार:भूख हड़ताल पर बैठी मां बोलीं-धरना समाप्त करने के लिए पुलिस दबाव बनाती है