राजस्थान दिवस समारोह के कार्यक्रमों के तहत जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र के तत्वावधान में ग्रामीण हाट में दो दिवसीय मेला एवं प्रदर्शनी शुरू हुई। कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट के तहत आयोजित प्रदर्शनी का उद्धघाटन किया। मेले में जिले के स्थानीय कारीगरों एवं उद्यमियों द्वारा अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई है, जिससे ग्रामीण उद्यमिता और पारंपरिक शिल्पकला को प्रोत्साहन मिल रहा है। कलेक्टर ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए स्टॉलों पर पहुंचकर कारीगरों और उद्यमियों से बात कर उनके कार्य को सराहा। उन्होंने कहा कि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना का उद्देश्य जिले के विशिष्ट उत्पादों को प्रोत्साहन देकर उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहचान दिलाना है। इस पहल से स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को रोजगार के अवसरों के साथ-साथ अपने उत्पादों के विपणन के लिए मंच प्राप्त हो रहा है। पत्थर से निर्मित उत्पाद भी लगे जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र के महाप्रबंधक मेघराज मीना ने बताया कि मेले में सिकंदरा क्षेत्र के पत्थर से निर्मित उत्पाद, चमड़े से बने हस्तशिल्प उत्पादों सहित जिले के अन्य पारंपरिक एवं स्थानीय उत्पादों के स्टॉल लगाए गए हैं। इन स्टॉलों पर कारीगरों द्वारा तैयार किए गए उत्कृष्ट उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है, जो जिले की समृद्ध कला, शिल्प परंपरा और उद्यमशीलता का परिचय दे रहे हैं। इस अवसर पर जिला परिषद के सीईओ बिरदी चंद गंगवाल, सहायक वन संरक्षक आशीष शर्मा, डीपीएम राजीविका बलदेव गुर्जर, उपनिदेशक उद्यानिकी जेपी मीना सहित कई विभागों के अधिकारी व उद्यमी मौजूद रहे।