जैसलमेर के MBBS स्टूडेंट ने राजकोट (गुजरात) में ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। वह राजकोट के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में MBBS के अंतिम वर्ष के छात्र थे। बताया जा रहा है कि इस स्टूडेंट ने इसी जगह डेढ़ महीने पहले (28 जनवरी) भी सुसाइड का प्रयास किया था। समय रहते गांव वालों ने उन्हें बचा लिया था। जानकारी के अनुसार, रतन कुमार मेघवाल (23) निवासी फलसूंड (जैसलमेर) की बॉडी शनिवार सुबह राजकोट के परापीपलिया रेलवे फाटक के पास मिली थी। गुजरात पुलिस को रतन के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है। तड़के 4 बजे हॉस्टल छोड़ा था
पुलिस जांच के अनुसार, रतन कुमार शनिवार सुबह करीब 4:00 बजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से निकले थे। इसके ठीक 45 मिनट बाद, यानी 4:45 बजे उन्होंने सुसाइड कर लिया। गांधीग्राम पुलिस मौके पर पहुंची। सुसाइड नोट में रतन ने खुद के मानसिक रूप से परेशान होने के कारण यह कदम उठाने का जिक्र किया है। उधर, AIIMS प्रशासन का कहना है कि रतन कैंपस में नहीं रहते थे, जबकि हॉस्टल के वार्डन ने ही शव की पहचान की है। डेढ़ महीने पहले भी किया था सुसाइड का प्रयास, उसी जगह दोबारा दी जान
28 जनवरी को भी रतन सुबह जल्दी हॉस्टल से निकले थे। परापीपलिया रेलवे ट्रैक पर उन्होंने सुसाइड का प्रयास किया था। माता-पिता सदमे में
बेटे के डॉक्टर बनने का सपना संजोए जैसलमेर में बैठे माता-पिता को जैसे ही इस अनहोनी की खबर मिली, घर में चीख-पुकार मच गई। चाचा और पिता दोनों राजकोट के लिए रवाना हो गए। फिलहाल शव को पोस्टमॉर्टम के लिए राजकोट सिविल हॉस्पिटल की मोर्च्युरी में रखा गया है। परिजनों के आने के बाद ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू होगी। होली पर घर आया था रतन, 4 दिन पहले ही गया था राजकोट
मृतक MBBS स्टूडेंट रतन मेघवाल के परिवार में माता-पिता और तीन भाई है। पिता की कस्बे में घड़ियों की दुकान है। रतन से छोटे 2 भाई हैं। दोनों पढ़ाई करते हैं, साथ ही पिता के साथ दुकान पर काम मे हाथ मे बंटाते हैं। रतन होली पर घर आया था और 4 दिन पहले ही राजकोट गया था।
