जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल (SMS) में जनरल सर्जरी डिपार्टमेंट के डॉक्टरों ने फेफड़ों से जुड़ी सर्जरी करके छोटे हुए फेफड़ा ठीक किया। इससे मरीज जो लम्बे समय से सांस फूलने और खांसने की बीमारी से परेशान था उसे राहत मिली। एसएमएस हॉस्पिटल के सर्जरी विभाग के प्रोफेसर डॉ. अमित गोयल ने बताया- 57 साल के जयपुर ​निवासी रमेश के लम्बे समय से पैदल चलने, सीढि़यां चढ़ने और कोई अन्य भारी काम करने पर सांस फूलने, खांसी होने की शिकायत थी। इस पर मरीज जब पिछले महीने ओपीडी में दिखाने आया तो उसकी सीटी स्कैन और अन्य दूसरी जांच करवाई। सीटी स्कैन जांच में व्यक्ति के फेफड़ों के नीचे मौजूद डायाफ्रामेटिक इवेंट्रेशन अपनी सामान्य स्थिति से काफी ऊपर खिसक चुका था, जिसके कारण बायां फेफड़ा बहुत छोटा हो गया, जिसके कारण सांस लेने में तकलीफ और खांसी की शिकायत होने लगी। इसके बाद हमारी टीम ने सर्जरी करके इस बीमारी को दूर किया। इस ऑपरेशन में डॉ. प्रवीण जोशी, रेजिडेंट डॉ. गानवी, डॉ. रजत, डॉ. कविता, डॉ. गरिमा, डॉ. जय एवं डॉ. सिद्धार्थ का सहयोग रहा। एनेस्थीसिया विभाग से प्रोफेसर डॉ. सुशील भाटी, डॉ. इंदु वर्मा और डॉ. सुनील चौहान ने सहयोग दिया। सर्जरी करके डायाफ्रेम नीचे किया, तब मिली राहत डॉ. गोयल ने बताया- जांच में मरीज की बीमारी ट्रेस होने के बाद सबसे बड़ी समस्या सर्जरी करना था। क्योंकि क्योंकि मरीज का वजन 110 किलोग्राम था। ऐसी स्थिति में ओपन या लेप्रोस्कोपी (दूरबीन) से सर्जरी करना मुश्किल था। तब हमारी टीम ने रोबोटिक सर्जरी करने का निर्णय किया। इस सर्जरी में मरीज के शरीर पर कुछ ही छेद करके डायाफ्रेम जो ऊपर की तरफ शिफ्ट हो चुका था उसे खींचकर नीचे लाए और उसे एक आर्टिफिशियल छाली से जोड़कर उसे पेट के हिस्से के नजदीक लाकर छोड़ा। करीब 2 घंटे की इस सर्जरी में मरीज का बायां फेफड़ा जो छोटा हो रहा था उसे फैलने का स्पेस मिल गया और वह सांस लेने के दौरान खुलकर बड़ा हो गया।